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दहेज प्रताड़ना की धारा 498A के नाम से खोली चाय दुकान, ससुराल वालों का अनौखे ढंग से कर रहा विरोध।

KPN24:- एक तरफ महिला सशक्तिकरण पर सरकार जोर दे रही तो दुसरी तरफ महिलाएं पुरुषों पर अत्याचार पर अत्याचार कर रही है, कोई अपने पति की हत्या करवा देती है तो कोई उनको दहेज के झूठे केस में फंसा देती है ऐसा ही एक मामला राजस्थान के बारां जिले के अंता कस्बे से सामने आया है, पीड़ित लड़का ने ससुराल वालों का विरोध अनौखे ढंग कर रहा है ससुराल के सामने दहेज़ प्रताड़ना कि धारा 498A के नाम से चाय दुकान खोली है।

इस दुकान की खासियत यह है कि कृष्ण हाथों में हथकड़ी पहनकर चाय परोसते हैं, जो उनके कानूनी संघर्ष और मानसिक पीड़ा का प्रतीक है. यह अनोखा कदम उनकी न्याय की गुहार को लोगों तक पहुंचाने का तरीका है.

ससुराल के सामने पति हथकड़ी पहनकर बनाता है चाय

कृष्ण कुमार धाकड़ मध्य प्रदेश के नीमच जिले के अठाना गांव के रहने वाले हैं. साल 2018 में उनकी शादी राजस्थान के अंता में हुई थी. शादी के बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर मधुमक्खी पालन का व्यवसाय शुरू किया, जो काफी सफल रहा. लेकिन 2022 में उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ दहेज प्रताड़ना (IPC धारा 498A) और भरण-पोषण (धारा 125) का केस दर्ज कराया. कृष्ण का कहना है कि ये आरोप झूठे हैं और इनके कारण उनकी जिंदगी बर्बाद हो गई. वे पिछले तीन साल से कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं, जिससे उनकी मानसिक और आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है.

कानूनी प्रक्रिया से तंग आकर कृष्ण ने उठाया ऐसा कदम

न्याय में देरी और कानूनी प्रक्रिया से तंग आकर कृष्ण ने यह अनोखा कदम उठाया. उन्होंने अपनी ससुराल के पास ही ‘498A टी कैफे’ खोला, जहां वे हथकड़ी पहनकर चाय बेचते हैं. दुकान पर लगे बैनरों पर लिखा है, “जब तक नहीं मिलता न्याय, तब तक उबलती रहेगी चाय” और “आओ चाय पर करें चर्चा, 125 में कितना देना पड़ेगा खर्चा.” ये नारे उनके दर्द और कानून के कथित दुरुपयोग को दर्शाते हैं. कृष्ण का कहना है कि वे अपनी बूढ़ी मां के लिए जी रहे हैं और इस दुकान के जरिए लोगों को जागरूक करना चाहते हैं.

पत्नी ने लगाया पैसे मांगने और मारपीट करने का आरोप

कृष्ण की पत्नी का कहना है कि उन्होंने दहेज के लिए पैसे मांगे और मारपीट की, जिसके कारण केस दर्ज हुआ. यह मामला अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और लोग इसे कानूनी प्रणाली में देरी का प्रतीक मान रहे हैं. ‘498A टी कैफे’ न सिर्फ चाय की दुकान है, बल्कि एक मूक आंदोलन है, जो न्याय की मांग कर रहा है.

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Author: Kpn 24

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