
KPN24:- युक्तियुक्तकरण में हुई धांधली रुकने का नाम नहीं ले रहीं अब एक और मामला बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंचा है जिसमें छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के समायोजन को लेकर उठा विवाद है। बिलासपुर हाईकोर्ट में तीन शिक्षकों – चंद्रभान वर्मा, अपर्णा त्रिपाठी और गायत्री वर्मा ने स्थानांतरण आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्हें बिना वजह अतिशेष घोषित कर अन्य स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि स्कूल में उनसे कनिष्ठ शिक्षक भी कार्यरत हैं।
सीनियर शिक्षकों को बनाया गया अतिशेष, जूनियर को दी गई राहत
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता संदीप दुबे ने कोर्ट में जोरदार तर्क रखते हुए कहा कि समायोजन की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मनमानी हुई है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को बिना नोटिस व बिना सुनवाई का मौका दिए ही अतिशेष की सूची में डाल दिया गया। सबसे गंभीर बात यह है कि शिक्षकों को अतिशेष घोषित करते समय युक्तियुक्तकरण निर्देश दिनांक 02-08-2024 के खंड 7(सी)(3) का उल्लंघन किया गया।
दुबे ने कहा कि जिन शिक्षकों को हटाया गया है वे अपने विद्यालयों में वरिष्ठ हैं, जबकि जुनियर शिक्षकों को पद पर बरकरार रखा गया है। यह स्पष्ट रूप से नियमों और न्याय के विरुद्ध है। याचिका में मांग की गई है कि समस्त प्रक्रिया को रद्द किया जाए और नए सिरे से युक्तियुक्तकरण हो।
राज्य शासन का पक्ष: शिकायत है तो समिति में दें अभ्यावेदन
राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिक्षकों का स्थानांतरण सरकार के दिशा-निर्देशों और दस्तावेजों के आधार पर किया गया है। यदि शिक्षकों को किसी तरह की शिकायत है, तो वे संभागीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन (कोर्ट में किसी मांग को लेकर आवेदन देना) प्रस्तुत कर सकते हैं। समिति नियमानुसार निर्धारित समय में निर्णय देगी।
कोर्ट का आदेश: 25 जून को समिति के समक्ष हों उपस्थित
सुनवाई के बाद जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच ने शिक्षकों को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि वे आगामी पांच दिनों के भीतर संभागीय युक्तियुक्तकरण अधिकारी (जेडी) रायपुर के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। साथ ही निर्देश दिया गया है कि 25 जून को समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखें, और समिति को अगले 7 कार्यदिवस के भीतर खंड 7(सी)(3) के प्रावधानों के तहत फैसला सुनाना होगा।
किन्हें बनाया गया है याचिका में पक्षकार?
याचिका में राज्य शासन के शिक्षा विभाग से जुड़े निम्न अधिकारियों को प्रमुख पक्षकार बनाया गया है:
सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग,
छत्तीसगढ़ शासन निदेशक, लोक शिक्षण संचालनालय
संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर
जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर
विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धरसींवा, रायपुर
इस विवाद से हजारों शिक्षक प्रभावित
युक्तियुक्तकरण को लेकर राज्यभर में शिक्षकों के बीच असंतोष की लहर है। जिन शिक्षकों ने वर्षों से एक ही विद्यालय में सेवा दी, उन्हें अचानक स्थानांतरित किया जाना न केवल अनुचित लगता है, बल्कि इससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ सकता है। हाईकोर्ट में दाखिल यह याचिका ऐसे हजारों शिक्षकों की आवाज बन सकती है, जिन्हें बिना सुनवाई का अवसर दिए अतिशेष घोषित कर दिया गया है।










