
मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर
KPN24:- शहरभर के सभी वार्डों की कावड़ यात्रा समितियों को मिलाकर एक संयुक्त कावड़ यात्रा श्री शिवभक्त कावड़ यात्रा समिति बीते लगातार 24 सालों से निकाल रही है। सोमवार को समिति के मुखिया शांतनु पाटीदार ने अपने निवास स्थान पाटीदार कॉलोनी में एक बैठक आयोजित कर इस साल 25वीं कावड़ यात्रा निकालने के लिए सभी समितियों के पदाधिकारियों से चर्चा कर रुपरेखा बनाई।
इस विशाल कावड़ यात्रा के अध्यक्ष शांतनु पाटीदार ने बताया कि इस यात्रा में शहर के प्रत्येक वार्ड की कावड़ यात्रा समिति शामिल होकर विशाल रुप धारण करती है। पिछले साल इसमें कावडिय़ों का आंकड़ा 1100 था, जो कि इस बार बढक़र ये आंकड़ा डेढ़ हजार के आसपास जाएगा।
ये रहेगा कावड़ यात्रा का रुट
समिति की जानकारी के अनुसार ये यात्रा 4 दिन की होगी। इसके लिए 24 जुलाई को कावडिय़ों का जत्था अपने-अपने वाहनों से ओमकारेश्वर पहुंचेगा। रात्री विश्राम के बाद बाबा ओमकारेश्वर के दर्शन कर बोल बम के जयघोष लगाते हुए 25 जुलाई को कावडिय़ों का जत्था ओमकारेश्वर से निकलकर 40 किमी की दिनभर की यात्रा करने के बाद दौड़वा में रात को पहला पड़ाव होगा। इसके दूसरे दिन 26 जुलाई को करीब इतनी ही दूरी तय करके रुस्तमपुर में रात्री विश्राम की व्यवस्था की गई है। इसके बाद तीसरे दिन की यात्रा पूरी कर रात्री विश्राम झिरी में किया जाएगा और चौथे दिन यात्रा बुरहानपुर पहुंचेगी। इस तरह कुल 135 किमी की यात्रा कावडि़ए 4 दिन में पूरी करेंगे।
कावड़ के जल से होता है शिव मंदिरों में अभिषेक
पाटीदार ने बताया कि कावडि़ए ओमकारेश्वर से मां नर्मदा का पावन जल लेकर 4 दिनों की पैदल नंगे पैर यात्रा पूरी कर अपने क्षेत्र और शहर की खुशहाली की कामना करते हुए अपने नजदिकी शिव मंदिरों में इस जल से अभिषेक करते है। ये सिलसिला बीते 24 सालों से अनवरत जारी है। इसकी तैयारी करीब दो माह पहले से की जाती है। जिसमें कावड़, यात्रियों की सूचि, रात्री विश्राम, रास्तेभर की अनुमति और अन्य तैयारियां शामिल होती है।
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त्रिवेणी महादेव मंडल ने किया गणेश पूजन
महाजन कॉलोनी स्थित त्रिवेणी महादेव गणेश मंडल ने शाहपुर रोड स्थित जय भोले आर्ट पर जाकर चयनित गणेश प्रतिमा का पूजन कर बाप्पा को निमंत्रण दिया। बता दें कि इसके लिए समिति के सदस्य ढोल-नगाड़ों और डीजे की धून पर भगवा ध्वज लहराते हुए बाप्पा के पास पहुंचे। समिति के अध्यक्ष डीआर पटेल ने बताया कि अब समिति सदस्य बाप्पा के आगमन की तैयारियों में जुटे है। बता दें कि शहरभर का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव गणेश पर्व होता है और इसकी तैयारी करीब दो माह पहले से शुुरु हो जाती है। इस बाद गणेश उत्सव 27 अगस्त को बाप्पा का आगमन और 6 सितंबर को विदाई होना है। इसके बाद 7 सितंबर को चल समारोह शहर के मुख्य मार्गों से निकाला जाएगा।










