
KPN24:- कोई नाबालिग अगर अपराध करें तो उसको सजा के तौर पर बाल संपरेक्षण गृह में भेजा जाता है ताकि वह सुधकर समाज में सम्मान का जीवन जी सकें लेकिन जब वही उनके साथ कुल गलत होता है तो फिर भगवान ही मालिक है उसका ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आया है जहां बाल संप्रेषण गृह के अधिकारी ने नाबालिग अपचारी बालक का रेप किया।
आरोपी परिवीक्षा अधिकारी रामकुमार सूर्यवंशी ने नाबालिग को उसके भाई से मिलाने के बहाने उससे अप्राकृतिक संबंध बनाए। नाबालिग मर्डर केस में संप्रेषण गृह में बंद है। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक न्यायालय की परीक्षण टीम नियमित रूप से बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं का जायजा लेने जाती है। 3 पहले भी टीम बाल संप्रेषण गृह जांच के लिए गई थी। इस दौरान पीड़ित नाबालिग ने टीम के सदस्यों को अपनी आपबीती बताई। नाबालिग ने बयान में बताया कि बाल संप्रेषण गृह के अधिकारी रामकुमार सूर्यवंशी ने उससे उसके भाई से मिलवाने की बात कही थी। इसी के बहाने आरोपी अधिकारी ने उससे अप्राकृतिक संबंध बनाए। परीक्षण टीम ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। दुर्ग पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित बालक हत्या के मामले में पिछले 35 महीने से बाल संप्रेषण गृह में बंद है। वह दूसरे जिले का रहने वाला है।










