
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत लगरा में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत एक नई पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में यहां फिकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट का संचालन प्रारंभ किया गया है। यह प्लांट शौचालयों के टैंकों में जमा मानव अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वर्षों पुरानी समस्या का समाधान
गांवों में टॉयलेट टैंकों की सफाई लंबे समय से उपेक्षित रही है, जिससे भू-जल प्रदूषण, दुर्गंध और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा था। अब इस प्लांट के जरिए शौचालयों की टंकियों से मल निकालकर उसे वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाकर खाद में परिवर्तित किया जा रहा है। इससे पानी, मिट्टी और हवा की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है।
स्वच्छता की नई परिभाषा
स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने लोगों को जागरूक किया कि केवल झाड़ू लगाना ही सफाई नहीं है। असली सफाई तब मानी जाएगी जब टॉयलेट टैंकों की गंदगी भी सुरक्षित तरीके से निकाली जाए और उसका ट्रीटमेंट किया जाए। इस उद्देश्य को साकार करने के लिए ₹47 लाख की लागत से यूनिट की स्थापना की गई है, जिसकी संचालन जिम्मेदारी श्री ज्वाला प्रसाद खूंटे को सौंपी गई है। अब तक 4 टैंक की सफल सफाई की जा चुकी है।
शुल्क और संपर्क जानकारी
ग्राम पंचायत ने सेवा के लिए शुल्क निर्धारित किया है:
गांव के भीतर: ₹2000 प्रति टैंक
15 किमी तक के गांव: ₹3000 प्रति टैंक
15 किमी से अधिक दूरी पर: ₹50 प्रति किमी अतिरिक्त शुल्क
सेवा प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री नंबर 9617837862 पर कॉल करें या सीधे ग्राम पंचायत लगरा में आवेदन जमा करें।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
गांववाले इस पहल से बेहद संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि अब गलियों से दुर्गंध गायब हो चुकी है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आया है। एक ग्रामीण ने कहा, “हमने सिर्फ कचरा नहीं, अपने भविष्य को भी साफ किया है।”
यह पहल सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में भी एक सशक्त कदम है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब गांव-गांव में न केवल सड़कें, बल्कि टॉयलेट टैंक भी साफ होंगे, जिससे पानी, मिट्टी और हवा को भी स्वच्छ बनाया जा रहा है।










