
KPN24:- सक्ती जिले विकासखंड डभरा के नवापारा (मड़वा) गांव में शासकीय प्राथमिक शाला के लिए निर्मित भवन पिछले पांच वर्षों से शिक्षा के बजाय भंडारण कार्यों के लिए उपयोग में लिया जा रहा है। यह भवन, जो ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाया गया था, ग्राम पंचायत द्वारा सोसायटी गोदाम के रूप में उपयोग किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि आज तक यह भवन संबंधित स्कूल को हैंडओवर ही नहीं किया गया है।
इस कारण वर्तमान में प्राथमिक शाला के छात्रों को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भवन में दो पालियों में पढ़ाई करनी पड़ रही है। बच्चों को सुबह 7 बजे स्कूल आना पड़ता है, जो विशेषकर बारिश और सर्दी के मौसम में बेहद कठिन हो जाता है। इस असुविधा के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि नवनिर्मित भवन को स्कूल के प्रधान पाठक को सौंपने के बजाय, पंचायत द्वारा गैर-शैक्षणिक उपयोग में लाया जा रहा है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि पूर्व सरपंच, वर्तमान सरपंच और संबंधित ब्लॉक अधिकारियों को बच्चों की शिक्षा और भविष्य की कोई परवाह नहीं है।
स्थानीय लोगों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह भवन विद्यालय को सौंप दिया जाए, तो स्कूल को एक पाली में संचालित किया जा सकता है, जिससे छोटे बच्चों को समय पर और बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेते हैं और कब तक ग्रामीण बच्चों को उनका हक मिल पाता है।










