
KPN24:- क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा आज ग्राम अमझर, तहसील चांपा, जिला जांजगीर-चांपा में छत्तीसगढ़ स्टील एंड पावर प्लांट के विस्तार प्रस्ताव को लेकर जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के लोग उपस्थित हुए और अपने-अपने विचार रखे।
जनपद पंचायत सदस्य चुणामणी राठौर ने कहा कि वे विकास और उद्योगों के पक्षधर हैं, किंतु जिस प्रकार से यह जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, वह नियमों के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार किसी भी प्रभावित गांव में इसकी जानकारी या मुनियादी सूचना समय पर नहीं दी गई। उन्होंने इस प्रक्रिया को नियम विरुद्ध बताते हुए जनसुनवाई को निरस्त कर, पुनः नियमानुसार कराने की मांग की।
वहीं सांसद प्रतिनिधि अभिनव तिवारी ने कहा कि “क्षेत्र का विकास तो दूर, प्लांट तक पहुंचने वाली सड़क तक आज तक नहीं बनाई गई। पर्यावरण संरक्षण पर कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।” उन्होंने यह भी मांग की कि प्लांट में रोजगार के अवसर स्थानीय लोगों को दिए जाएँ और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति बंद की जाए।
फरवानी गांव के ग्रामीण ब्रह्मा बहादुर ने भी प्लांट के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लांट में बाहरी श्रमिकों को अधिक रोजगार दिया जाता है, जबकि स्थानीय लोगों को कम वेतन पर काम कराया जाता है।
इसी तरह क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य उमा राजेन्द्र राठौर ने कहा कि उनके क्षेत्र में पहले से चार से पाँच प्लांट संचालित हो रहे हैं, लेकिन कोरोना जैसी आपदा के समय किसी भी प्लांट ने समाज के लिए कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक प्लांट को कम से कम एक गांव को गोद लेना चाहिए और सामाजिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार देने की बात कही।
प्लांट प्रबंधन की ओर से नागार्जुन ने आश्वासन देते हुए कहा कि विस्तार के बाद स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
जनसुनवाई में ग्रामीणों की आवाज़ जहां रोजगार और पर्यावरण की चिंता पर केंद्रित रही, वहीं प्रशासन और प्लांट प्रबंधन ने नियमों का पालन और विकास के वादे दोहराए। अब देखना होगा कि इन मांगों और आपत्तियों के आधार पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।










