
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले की पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। पिता का कर्ज चुकाने के लिए एक युवक ने अपनी गुमशुदगी और नदी में बहकर मरने की झूठी कहानी रच डाली, लेकिन सायबर टीम और पामगढ़ पुलिस की सक्रियता ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
घटना इस तरह शुरू हुई
19 अगस्त को तनौद निवासी तिलकराम श्रीवास ने थाना पामगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा कौशल श्रीवास उर्फ मोनू (21 वर्ष) घर से निकला था और फिर वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद उसकी मोटरसाइकिल और मोबाइल शिवनाथ नदी के पैसर पुल के पास मिले, जिससे परिवार को आशंका हुई कि वह नदी में बह गया। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
सायबर टीम की भूमिका
जांच के दौरान पता चला कि युवक ने अपने दोस्त को सोशल मीडिया पर सुरक्षित होने का संदेश भेजा था। 23 अगस्त को उसने बिलासपुर रेलवे स्टेशन से भाई को फोन कर बताया कि वह जिंदा है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सुरागों के आधार पर कौशल श्रीवास को बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।
सच सामने आया
पूछताछ में युवक ने कबूल किया कि उसके पिता पर भारी कर्ज था और उसके पास 40 लाख रुपये का बीमा था। बीमा की रकम पाने के लिए उसने अपनी ‘मौत’ का नाटक रचा और परिवार, गांववालों व पुलिस सभी को गुमराह किया।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि युवक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के खुलासे में सायबर सेल जांजगीर और थाना पामगढ़ पुलिस की त्वरित कार्यवाही की सराहना की जा रही है।










