
KPN24:- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की धरती अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कलाओं के लिए जानी जाती है। यही वह भूमि है, जहाँ महाराजा चक्रधर सिंह जी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य को नई पहचान दी और रायगढ़ को कला की राजधानी बना दिया।
इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर वर्ष आयोजित होने वाला चक्रधर समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि परंपरा, इतिहास और कलाओं की सुंदरता को अनुभव करने का अद्भुत अवसर है। गणेशोत्सव की परंपरा से जुड़ा यह आयोजन आज भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की लय एवं माधुर्य से देश-विदेश के कला-प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महाराजा चक्रधर सिंह जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करता है। उन्होंने समस्त कला-प्रेमियों को इस सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए हार्दिक आमंत्रण दिया।










