
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में बाढ़ एवं राहत कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में दंतेवाड़ा के साथ-साथ बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिलों के कलेक्टर व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा, वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक चैतराम अटामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 26 एवं 27 अगस्त को हुई अतिवृष्टि से जन-धन और अधोसंरचना को भारी क्षति पहुँची है। उन्होंने प्रशासनिक अमले की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि प्रभावित ग्रामीण भी राहत कार्यों से संतुष्ट हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बाढ़ आपदा से चारों जिलों में लगभग 115 करोड़ रुपये की अधोसंरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनकी मरम्मत हेतु राज्य शासन हर संभव सहयोग करेगा।
उन्होंने कहा कि शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा एक दिन का वेतन दान करना अनुकरणीय पहल है। मुख्यमंत्री ने गैर-शासकीय व स्वैच्छिक संगठनों के योगदान की भी प्रशंसा की।
बैठक में निर्देश दिए गए कि—
स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं स्वास्थ्य शिविर जारी रहें।
ग्रामीणों की लगातार स्वास्थ्य जांच हो और आवश्यक दवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
सभी कलेक्टर राहत राशि शीघ्र वितरित करें।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित न होने पाए और मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए।
पशु-हानि पर मुआवजा नए निर्देशों के अनुसार समय पर दिया जाए।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्वास्थ्य सर्वे, क्लोरीनेशन और जलजनित रोगों की रोकथाम सुनिश्चित की जाए।
इससे पहले चारों जिलों के कलेक्टरों ने बाढ़ से हुई क्षति, प्रभावित ग्रामों, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों, बाधित विद्युत एवं मोबाइल नेटवर्क की स्थिति, जन-धन हानि और राहत कार्यों की जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। बताया गया कि सबसे अधिक प्रभावित नदी-नालों के किनारे बसे गांव रहे, जहां समय रहते राहत पहुंचाई गई।
बैठक में बस्तर संभागायुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी, दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत, सुकमा कलेक्टर देवेश ध्रुव, बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला पंचायत बस्तर के सीईओ प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।










