
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में जनजातीय समाज के विकास और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं आदिवासी विकास विभाग द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान – रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण जिला पंचायत के डीपीआरसी भवन में 03 से 05 सितम्बर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता यही है कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कलेक्टर ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2024 को शुरू किए गए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आदिवासी समुदाय के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर “कर्मयोगी सहयोगी” के रूप में लोगों को तैयार करना होगा। साथ ही उन्होंने अभियान की सतत मॉनिटरिंग पर जोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचे।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अक्षय कुमार कंवर ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान जिले में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक संचालित होगा। इसके अंतर्गत जिले के 21 ग्रामों को शामिल किया गया है।
इनमें बलौदा विकासखंड के कुदरी, करमा, खारी, छीतापाली, केराकछार, कण्ड्रा, देवरी, सत्तीगुड़ी, नवागांव, रैनपुर; नवागढ़ विकासखंड का गाड़ापाली; करमंदी; अकलतरा विकासखंड के कटघरी, परसाही (नाला), महमदपुर, बाना, सराईपाली; तथा बम्हनीडीह विकासखंड के पोड़ीकला, नवागांव, पूछेली एवं खपरीडीह ग्राम शामिल हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, मास्टर ट्रेनर्स तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।










