
KPN24 :- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ढाबे पर महज 10 हजार रुपए की नौकरी करने वाले एक कुक के खाते से 46 करोड़ 18 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खाते के मालिक भिंड निवासी रविंद्र सिंह चौहान को इस बात की जानकारी तब हुई, जब इनकम टैक्स विभाग ने उनके घर पर नोटिस भेजा।
रविंद्र सिंह चौहान वर्तमान में ग्वालियर के एक ढाबे पर कुक का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में वे मेहरा टोल प्लाजा पर नौकरी कर रहे थे, जहां उनकी पहचान शशि भूषण राय नामक एक सुपरवाइजर से हुई। वर्ष 2019 में यही सुपरवाइजर उन्हें घुमाने के बहाने दिल्ली ले गया और वहां उनका एक बैंक खाता खुलवाया। उस समय रविंद्र को बताया गया कि उनके पीएफ का पैसा इसी खाते में आएगा। इसके बाद वे ग्वालियर लौट आए और खाते की बात भूल गए।
रविंद्र बाद में पुणे में नौकरी करने लगे। इस बीच अप्रैल 2025 में इनकम टैक्स विभाग का पहला नोटिस उनके भिंड स्थित घर पहुंचा, जिसे परिवारजन समझ नहीं सके। जुलाई में दूसरा नोटिस आया तो उन्होंने रविंद्र को इसकी जानकारी दी। मामला गंभीर जानकर रविंद्र पुणे से भिंड लौटे और नोटिस लेकर ग्वालियर में वकील प्रद्युम्न सिंह के पास पहुंचे।
वकील प्रद्युम्न सिंह के अनुसार, इनकम टैक्स विभाग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि रविंद्र के खाते से 46 करोड़ 18 लाख रुपए का लेन-देन हुआ है। यह सुनकर रविंद्र हैरान रह गए और तुरंत पुलिस थाने पहुंचे। हालांकि पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की और बैंक शाखा (दिल्ली) से संपर्क करने की सलाह दी।
मदद न मिलने पर रविंद्र ने विभिन्न विभागों में शिकायत की, लेकिन जब कहीं से राहत नहीं मिली तो उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वकील का कहना है कि इनकम टैक्स विभाग का दावा है कि सटीक जानकारी के आधार पर ही नोटिस जारी किया गया है।
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और यह बड़ा सवाल खड़ा करता है कि आखिरकार एक गरीब कुक के खाते से करोड़ों का लेन-देन कैसे हुआ।










