
KPN24 :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को जशपुर स्थित कैम्प कार्यालय बगिया में जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जशपुर प्रकृति और संस्कृति का संगम है। इको-टूरिज्म और होम-स्टे के जरिए यहाँ के स्व सहायता समूहों और किसानों को आत्मनिर्भरता की दिशा में लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले युवाओं और स्व सहायता समूहों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जम्बूरी जिले को पर्यटन की नई पहचान दे रहा है। वर्ष 2024 में पहली बार आयोजित जम्बूरी में देश-विदेश से पर्यटक पहुँचे थे। इस बार इसका दूसरा सीजन 6 से 9 नवम्बर 2025 तक होगा। आयोजन में रॉक क्लाइम्बिंग, ट्रेकिंग, ज़िपलाइन, पैरामोटर, वॉटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों के साथ कर्मा और सरहुल नृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, लोकनाट्य और स्थानीय व्यंजन पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।
उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम है। इससे होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मयाली नेचर कैंप को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया गया है और मधेश्वर पहाड़ का विशाल शिवलिंग गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने जशपुर जम्बूरी को वार्षिक महोत्सव के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय परंपरा और आधुनिक विकास को एक साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।










