
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम कण्डोरा में आयोजित अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद (प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़) के महासम्मेलन सोहरई करमा महोत्सव 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण हेतु 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। उन्होंने रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
करमा महोत्सव हमारी संस्कृति का जीवंत प्रतीक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि “करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं।”
उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति आदर, सम्मान और संरक्षण का संदेश देता है। एकादशी करमा और दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति की गहराई को दर्शाती हैं और समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेज़ी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई।
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रति मानक बोरा दर 5500 रुपए कर दी गई है।
विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नागरिकों से “वोकल फॉर लोकल” अभियान को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की, जो शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
करमा पूजन एवं पारंपरिक नृत्य से गूँजा माहौल
मुख्यमंत्री श्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा करमा पूजन स्थल पर पारंपरिक विधि से करम वृक्ष की डाली की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ मांदर की थाप पर करम वृक्ष की डाली के चारों ओर नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवारजन भी उपस्थित थे।
सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान
सोहरई करमा महोत्सव, रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नई फसल की पूजा कर समृद्धि की कामना की जाती है।
ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए 52 मंडलों के नर्तक दलों ने पारंपरिक लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे पूरा वातावरण उल्लासमय बन गया।
इस अवसर पर सांसद राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य श्रीमती उमा देवी सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।










