
अफसरों से बोलीं कलेक्टर – “जवाब दो या कुर्सी छोड़ो!”
मनीष विद्यार्थी, खरगोन।
KPN24:- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर अफसरों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। शिकायतों के समय पर निराकरण न होने से खरगोन जिला अब ‘डी ग्रेड’ श्रेणी में पहुंच गया है। इस पर नाराज़गी जताते हुए कलेक्टर भव्या मित्तल ने मंगलवार को आयोजित टीएल बैठक में विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि “सीएम हेल्पलाइन जनता की आवाज़ है, इसे मज़ाक समझने की गलती अब किसी से बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि 100 दिन से अधिक लंबित सभी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
85 प्रतिशत से अधिक शिकायतें निपटाना अनिवार्य
कलेक्टर मित्तल ने कहा कि अब बहाने नहीं चलेंगे। हर विभाग को 85 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करना ही होगा। उन्होंने बताया कि कई विभागों में नॉन-अटेंडेड शिकायतें महीनों से लंबित हैं, जिससे जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
नगरीय निकाय, पंचायत से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक पर सख्ती
कलेक्टर ने नगरीय निकाय, पंचायत, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, परिवहन, खनिज, वन, ऊर्जा, मत्स्य, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय विभाग सहित उन सभी विभागों को सख्त चेतावनी दी जिनकी शिकायतें लंबे समय से पेंडिंग हैं।
“नोटिस देकर जवाब मांगेंगे” – कलेक्टर
कलेक्टर मित्तल ने कहा कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अधिकारी जो शिकायतों को टालने या नजरअंदाज करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, कई विभागों में शिकायतों के समाधान की बजाय शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कलेक्टर ने इस पर सख्त नाराज़गी जताते हुए कहा कि “जनता की शिकायतों का सम्मान करें, वरना प्रशासन सख्त कदम उठाएगा।”










