
KPN24 :- छत्तीसगढ़–आंध्रप्रदेश सीमा पर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में कुख्यात नक्सली और सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों को मार गिराया गया। यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षाबलों की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफल अभियान के लिए जवानों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि “हिड़मा के आतंक का अंत बस्तर में लौट रही शांति का संकेत है। वर्षों से हिंसा और दहशत फैलाने वाले इस नक्सली लीडर के मारे जाने से लाल आतंक पर गहरी चोट पहुंची है।”
नक्सलवाद की कमर टूट रही—सरेंडर और ऑपरेशन्स में तेजी
पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों नक्सलियों के आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार जारी सफल ऑपरेशन्स ने इस बात को मजबूती दी है कि नक्सल संगठन अब कमजोर पड़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि बस्तर में नक्सली नेटवर्क तेजी से टूट रहा है और स्थानीय लोगों का भरोसा शासन–प्रशासन पर बढ़ा है।
शांति और विकास को मिल रही नई गति
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि:
नियद नेल्ला नार अभियान
नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति
नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना
जैसे कदमों से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है। इनके प्रभाव से बस्तर के गांव–गांव में विकास और आत्मविश्वास की नई हवा बह रही है।
2026 तक नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य की संयुक्त रणनीति के चलते मार्च 2026 तक देश पूर्णतः नक्सलवाद मुक्त हो जाएगा। अंत में उन्होंने कहा—“यह सिर्फ एक ऑपरेशन की सफलता नहीं, बल्कि बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम है। हमारी प्रतिबद्धता अडिग है।”










