
KPN24:- स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की मजबूत नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी प्रमुख आवश्यकता बन गई हैं।
इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है।
राष्ट्रीय हेल्थकेयर कैपिटल बनने की ओर नवा रायपुर
नवा रायपुर अटल नगर पहले से ही शिक्षा, उद्योग, परिवहन और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब मेडिसिटी इसे राष्ट्रीय हेल्थकेयर राजधानी के रूप में स्थापित करने जा रहा है।
रणनीतिक भौगोलिक स्थिति तथा एयरपोर्ट व रेल नेटवर्क की अत्याधुनिक कनेक्टिविटी इसे केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख गंतव्य बना रही है।
हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां से यात्रा करते हैं और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रारंभ होने के बाद मेडिकल टूरिज्म के बड़े अवसर खुलने वाले हैं।
200 एकड़ में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य नगरी
मेडिसिटी सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित की जा रही है, जिसमें—
5,000 से अधिक बेड की क्षमता
देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूह एवं सुपर–स्पेशियलिटी संस्थान
मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट
कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित व्यापक सुविधाएं
वॉक-टू-हॉस्पिटल मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सस्ता आवास, छात्रावास, होटल व धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इसे एक मानव–केन्द्रित मेडिकल ज़ोन बनाएंगी।
पीएम–जय और सीजीएचएस योजनाओं के माध्यम से किफायती उपचार की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है।
नवा रायपुर में पहले से संचालित प्रमुख संस्थान—
श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल (2012 से) – बाल हृदय उपचार में अग्रणी, जहाँ भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं अफ्रीका के मरीजों का इलाज
बालको कैंसर हॉस्पिटल (170 बेड) – अत्याधुनिक कैंसर उपचार, 500–600 किमी क्षेत्रफल को सेवा
रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे और अनुकूल बनाती है।
स्वास्थ्य ही नहीं, रोजगार और अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन
मेडिसिटी न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तार करेगी, बल्कि—
स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार
आवासीय और व्यापारिक गतिविधियों का विकास
राज्य की जीडीपी में बड़ा योगदान
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का बयान
“नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का इंजन बनेगी।
एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट, मेडिकल यूनिवर्सिटी और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना से यह राष्ट्रीय हेल्थ हब बनेगा।
‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित यह परियोजना मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनेगी।”
मुख्यमंत्री की दृष्टि
“मेडिसिटी मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है, जो पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराएगी।”










