
मनीष विद्यार्थी | खरगोन |
KPN24:- खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र से 10 दिसंबर को अपहृत किए गए 6 वर्षीय मासूम बालक को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। यह सनसनीखेज मामला अंधविश्वास और काले जादू से जुड़ा हुआ है, जहां धनवर्षा की लालच में तंत्र क्रिया के नाम पर मासूम की नरबलि देने की तैयारी की जा रही थी। समय रहते पुलिस की सतर्कता और अथक प्रयासों से बच्चे को नया जीवन मिल सका। इस मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री रविंद्र वर्मा ने बताया कि 10 दिसंबर को थाना सनावद क्षेत्र अंतर्गत नवोदय विद्यालय रोड, ग्राम खंगवाड़ा फाटे के पास घर के बाहर खेल रहे 6 वर्षीय बालक को दो अज्ञात आरोपियों ने क्रिकेट बैट–गेंद दिलाने का लालच देकर बाइक पर बैठाया और अपहरण कर लिया।
100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, जंगल व बैकवॉटर क्षेत्र में की सघन तलाशी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया। संभावित रास्तों के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। शैडो जंगल एरिया और बैकवॉटर क्षेत्रों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अपहरणकर्ताओं तक पहुंचना जितना चुनौतीपूर्ण था, उतनी ही चिंता बच्चे की सुरक्षा को लेकर पुलिस को थी।
लगातार प्रयासों के बाद 31 दिसंबर को पुलिस को अहम सुराग मिला। मुखबिर की सूचना पर ग्राम अटूटखास निवासी शुभम उर्फ लव यादव पर निगरानी रखी गई, जो तंत्र बाधा दूर करने वाले एक तथाकथित बाबा के संपर्क में था। यह बाबा पुनासा क्षेत्र में किराए के कमरे में छिपकर रह रहा था।
पुनासा से सकुशल बरामद हुआ मासूम, तांत्रिक सहित आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने पुनासा में किराए के कमरे के आसपास रेकी कर दबिश दी, जहां से अपहृत बालक को सकुशल बरामद किया गया। मौके से तांत्रिक बाबा सुरेंद्र को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अन्य आरोपी शुभम उर्फ लव यादव और रामपाल नरवरे को भी हिरासत में लिया गया। आगे की जांच में धनसिंह बड़ोले की भूमिका भी सामने आई, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया।
तंत्र विद्या के नाम पर धनवर्षा का झांसा, नरबलि की खौफनाक साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी बाबा सुरेंद्र उर्फ पिंटू उर्फ अंकित पिछले छह माह से घर छोड़कर खुद को तंत्र क्रिया में सिद्ध मानने लगा था। उसने रामपाल को तंत्र विद्या से धनवर्षा और जमीन में गड़े सोने का पता लगाने का झांसा दिया। शुभम उर्फ लव यादव और रामपाल, सुरेंद्र की बातों में आ गए। इसके बाद ग्राम लाल तलाई निवासी धनसिंह बड़ोले के साथ मिलकर ग्राम खंगवाड़ा के नाबालिग बच्चे के अपहरण की साजिश रची गई।
अपहरण के बाद मासूम को पुनासा के किराए के कमरे में 22 दिनों तक रखा गया, जहां उस पर अमानवीय और अंधविश्वास से जुड़ी क्रियाएं की जाती रहीं। बच्चे को नग्न कर उस पर सिंदूर लगाया जाता, नींबू की माला पहनाई जाती और काला कपड़ा ओढ़ाया जाता था। यह मामला अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है।
गिरफ्तार आरोपी
शुभम उर्फ लव यादव, पिता प्रदीप यादव, निवासी ग्राम अटूटखास, थाना धनगांव, जिला खंडवा
अंकित उर्फ सुरेंद्र उर्फ पिंटू बघेल, पिता जीवन बघेल, निवासी ग्राम बीजापुर, थाना मूंदी
रामपाल नरवरे, पिता मानसिंह, निवासी डोंगरगांव, थाना धनगांव, जिला खंडवा
धनसिंह बड़ोले, पिता हबू, निवासी अंजरूद
पुलिस की तत्परता से एक मासूम की जान बच सकी, वहीं यह मामला समाज को अंधविश्वास से दूर रहने की कड़ी चेतावनी भी देता है।










