"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

सशक्त मानसिकता से आत्मनिर्भरता की ओर: पोषण निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं सूरजपुर की महिलाएं

KPN24:- आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव सशक्त मानसिकता पर टिकी होती है। जब आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास एक साथ जुड़ते हैं, तो सफलता की राह स्वतः प्रशस्त हो जाती है।

सूरजपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने इसी सोच को आत्मसात करते हुए आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायी मिसाल पेश की है। ये महिलाएं न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि जिले की महिलाओं और बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के महाअभियान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
पोषण और महिला सशक्तिकरण—दोनों का समन्वय
सरकार द्वारा संचालित पोषण आहार (रेडी-टू-ईट/आरटीई) निर्माण संयंत्र ऐसे केंद्र हैं, जहां आंगनबाड़ी और अन्य योजनाओं के अंतर्गत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिए पौष्टिक, पहले से तैयार भोजन का निर्माण किया जाता है। इन संयंत्रों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है, जिससे एक ओर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल रहा है।
इन आहारों में गेहूं, दालें और दूध जैसे पोषक तत्वों से भरपूर घटक शामिल हैं, जो प्रोटीन सहित आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं।
स्वादिष्ट और पौष्टिक आहार का निर्माण
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण संयंत्रों की शुरुआत की गई है। इन संयंत्रों में स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया और मीठा शक्ति आहार तैयार किया जा रहा है।
यह आहार विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, पाइरीडॉक्सिन, फोलिक अम्ल, कोबालामिन, आयरन, कैल्शियम और जिंक जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से समृद्ध है।
तीन संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत
जिला प्रशासन द्वारा सूरजपुर जिले में कुल 7 पोषण आहार निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में भैयाथान, प्रतापपुर और सूरजपुर विकासखंड में 3 संयंत्रों का सफल संचालन हो रहा है। इन संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न हैं।
तैयार पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि निर्माण के साथ-साथ वितरण की जिम्मेदारी भी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिल रही है।
वितरण कार्य में 430 महिलाएं सक्रिय
भैयाथान विकासखंड में 15 स्व-सहायता समूह और प्रतापपुर विकासखंड में 13 स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से पोषण आहार वितरण कार्य में लगे हुए हैं। इन समूहों के माध्यम से कुल 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
इस योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मानसिक रूप से सशक्त ये महिलाएं अब घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ आजीविका से भी जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
प्रेरणादायी पहल
यह पहल न केवल जिले में पोषण स्तर सुधारने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। सूरजपुर की महिलाएं आज यह साबित कर रही हैं कि सशक्त सोच से आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण संभव है।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Comment

Read More