
जनसंपर्क की नई चुनौतियाँ’ विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ
KPN24:- मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को एक्सक्लूजिव और जनहित से जुड़ी स्टोरी तैयार करनी चाहिए तथा उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं सोशल मीडिया सहित मीडिया के सभी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा।
आयुक्त डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित ‘जनसंपर्क की नई चुनौतियाँ’ विषय पर जनसंपर्क अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में सूचना संप्रेषण के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं। नई-नई तकनीकों के आगमन के साथ जनसंपर्क अधिकारियों को भी तकनीकी रूप से अपडेट रहना आवश्यक है, ताकि कार्य को प्रमाणिक, बेहतर और समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जा सके। उन्होंने कहा कि केवल प्रिंट मीडिया ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया के समन्वित उपयोग से शासन की योजनाओं एवं निर्णयों को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुँचाया जा सकता है।
डॉ. मित्तल ने इस अवसर पर पत्रकारिता से जुड़े स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप का अवसर देने पर भी जोर दिया, जिससे भावी पीढ़ी को व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
प्रभावी संवाद जनसंपर्क की सबसे बड़ी आवश्यकता
उद्घाटन सत्र में अपर संचालक जवाहरलाल दरियो, संजीव तिवारी, उमेश मिश्रा एवं आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी जनसंपर्क के लिए सशक्त और विश्वसनीय संवाद अत्यंत आवश्यक है। प्रतिभागियों को कार्यशाला के दो दिवसीय सत्रों की रूपरेखा और अपेक्षित परिणामों की जानकारी भी दी गई।
लेखन, टीवी और सोशल मीडिया पर केंद्रित सत्र
कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत ‘पाठक-अनुकूल लेखन: सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना’ विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं में से जनसरोकार से जुड़ी मुख्य बातों की पहचान, सरल एवं सुबोध भाषा, प्रभावी हेडलाइन और लीड पैराग्राफ लेखन पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग और संकट के समय मीडिया से संतुलित एवं समयबद्ध संवाद के महत्व पर भी चर्चा की।
द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए शासकीय योजनाओं को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट और फैक्ट शीट के महत्व की जानकारी दी।
सोशल मीडिया और एआई टूल्स पर विशेष चर्चा
तीसरे सत्र में सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और एआई विशेषज्ञ राकेश साहू ने सोशल मीडिया एवं एआई आधारित डिजिटल टूल्स के माध्यम से फोटो और वीडियो एडिटिंग सहित कंटेंट को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि एआई टेक्नोलॉजी के उपयोग से कम प्रयास में अधिक और गुणवत्तापूर्ण कार्य संभव है।
कार्यशाला के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन तथा आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े त्वरित उपयोग योग्य उपकरणों की जानकारी साझा की।
इस कार्यशाला में राज्यभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए अपने कौशल को और अधिक सशक्त बनाने का अवसर प्राप्त किया।










