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शिक्षा में डिजिटल सुशासन की राष्ट्रीय मिसाल बना छत्तीसगढ़

आईबीआईटीएफ ने विद्या समीक्षा केंद्र को शिक्षा प्रशासन में तकनीक-आधारित उत्कृष्ट मॉडल बताया

KPN24:- छत्तीसगढ़ ने शिक्षा प्रशासन में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से डिजिटल सुशासन का एक सशक्त और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है।

आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) ने राज्य के विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी-संचालित सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय पहल के रूप में रेखांकित किया है।
आईबीआईटीएफ के अनुसार, विद्या समीक्षा केंद्र पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में छत्तीसगढ़ की ठोस उपलब्धियों को दर्शाता है। यह केंद्र छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित एक अभिनव डिजिटल पहल है, जो शिक्षा व्यवस्था में डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप प्रदान करता है।
छत्तीसगढ़ देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक शिक्षा प्रणालियों में से एक का संचालन करता है, जिसमें 48,500 से अधिक शासकीय विद्यालय, 39 लाख से अधिक विद्यार्थी तथा लगभग 1.8 लाख शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी शामिल हैं। इतने व्यापक तंत्र के संचालन में पहले बिखरे हुए डेटा, रियल-टाइम निगरानी की कमी और निर्णयों में विलंब जैसी चुनौतियाँ सामने आती थीं।
विद्या समीक्षा केंद्र ने इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हुए एक केंद्रीकृत, रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग और एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में शिक्षा प्रशासन की तस्वीर बदल दी है।
एकीकृत डेटा से सशक्त हुआ शिक्षा तंत्र
विद्या समीक्षा केंद्र के अंतर्गत UDISE, HRMIS, पीएम पोषण, PGI, APAAR ID, आधार और GIS मैपिंग जैसे प्रमुख डेटाबेस का एकीकृत उपयोग किया जा रहा है। इससे विद्यालयों की अधोसंरचना, शिक्षक तैनाती, छात्र उपस्थिति, अधिगम परिणाम तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की सतत और समग्र निगरानी संभव हो पाई है।
एआई आधारित एनालिटिक्स से समय रहते समाधान
केंद्र में प्रयुक्त एआई आधारित एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव मॉडल संभावित ड्रॉपआउट और अधिगम अंतराल की समय रहते पहचान में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और समान अवसर आधारित शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है।
मापनीय उपलब्धियों ने बढ़ाया भरोसा
विद्या समीक्षा केंद्र की प्रभावशीलता इसके ठोस परिणामों में भी स्पष्ट दिखाई देती है।
लगभग 87% विद्यार्थियों के लिए APAAR ID का सृजन
89% आधार सत्यापन
2.13 करोड़ से अधिक पाठ्यपुस्तकों की बारकोड आधारित ट्रैकिंग, जिससे लगभग ₹50 करोड़ की बचत संभव हो सकी है।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मजबूत संवाद
विद्या समीक्षा केंद्र को एक समर्पित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा सक्रिय कॉल सेंटर का भी सहयोग प्राप्त है। इससे शिकायत निवारण, डेटा सत्यापन, फील्ड स्तर से फीडबैक और हितधारकों से सतत संवाद को मजबूती मिली है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच विश्वास एवं सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आईबीआईटीएफ ने यह भी कहा कि विद्या समीक्षा केंद्र ने डेटा-आधारित शासन संस्कृति को सुदृढ़ किया है, जिससे शिक्षा प्रशासन अधिक प्रो-एक्टिव, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बना है।
भारत सरकार के एनएम-आईसीपीएस मिशन के अंतर्गत स्थापित प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (TIH) के रूप में आईबीआईटीएफ ने विद्या समीक्षा केंद्र को डेटा-आधारित शिक्षा सुधार और तकनीक-सक्षम सुशासन का राष्ट्रीय मानक बताया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को स्केलेबल, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित करती है।

 

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Author: Kpn 24

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