
35 वर्षों तक प्रभु हनुमान की निस्वार्थ सेवा करने वाले संत का देवलोक गमन
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा की हनुमान कुटी बलौदा मंदिर के पुजारी महाराज रामदास विरागी अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार 28 जनवरी 2026 को रात्रि 9:00 बजे उन्होंने देह त्याग कर प्रभु चरणों में समाधि ली। महाराज जी का यूँ असमय जाना न केवल हनुमान कुटी मंदिर परिवार, बल्कि पूरे बलौदा नगर के लिए अपूरणीय क्षति है।
श्रद्धेय महाराज रामदास जी विरागी सरलता, सहजता, त्याग और भक्ति की सजीव प्रतिमूर्ति थे। विगत 35 वर्षों से अधिक समय तक वे श्री हनुमान कुटी मंदिर में पुजारी स्वरूप रहकर प्रभु श्री हनुमान जी की निस्वार्थ सेवा करते रहे। उनका संपूर्ण जीवन धर्म, भक्ति और सेवा को समर्पित रहा। वे न केवल एक पुजारी थे, बल्कि नगरवासियों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक और श्रद्धा का केंद्र भी थे।
अंतिम यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब
महाराज जी की अंतिम यात्रा में पूरे बलौदा नगर से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी और हर हृदय में शोक के साथ-साथ गर्व भी था कि ऐसे महापुरुष का सान्निध्य नगर को प्राप्त हुआ। “जय बजरंगबली” और “हर हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों के बीच उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
नगर के लिए अपूरणीय क्षति
महाराज जी का ब्रह्मलीन होना बलौदा नगर के धार्मिक एवं आध्यात्मिक जीवन में एक ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
विनम्र श्रद्धांजलि
पूरे बलौदा नगर की ओर से श्रद्धेय महाराज रामदास विरागी को सादर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है कि वे महाराज जी को मोक्ष प्रदान करें और उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।










