
KPN24:- छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी में कार्यकुशलता, पारदर्शिता और नवाचार की मिसाल पेश करने वाले 12 विद्युत कर्मियों को उनके उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रबंध निदेशक (जनरेशन) एस.के. कटियार द्वारा सम्मानित किया गया।
इन कर्मियों की सूझ-बूझ और दूरदर्शी कार्यप्रणाली से कंपनी को न केवल करोड़ों रुपये की प्रत्यक्ष बचत हुई, बल्कि संभावित आर्थिक हानियों से भी प्रभावी रूप से बचाया जा सका।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कटियार ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित करना प्रबंधन का नैतिक दायित्व है। इससे न केवल अन्य कर्मचारियों को प्रेरणा मिलती है, बल्कि उनके अनुभवों से संगठन को दीर्घकालिक लाभ भी प्राप्त होता है और कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है।
इन कर्मियों के योगदान से कंपनी को हुआ बड़ा लाभ
पराग हरिनखेरे (सहायक अभियंता) द्वारा गारे पेलमा सेक्टर-3 कोयला खदान से जुड़े आर्बिट्रेशन प्रकरण में कंपनी के पक्ष में निर्णय कराया गया, जिससे लगभग ₹195 करोड़ की संभावित हानि से कंपनी को बचाया गया। अनिल कुमार शर्मा (अधीक्षण अभियंता, सिविल) द्वारा कोरबा पश्चिम एवं पूर्व स्थित संयंत्रों और कॉलोनी परिसरों में सिविल मेंटेनेंस कार्य कराए जाने से कंपनी को लगभग ₹2 करोड़ प्रतिवर्ष की संभावित आय सुनिश्चित हुई। दीपक कोठारी (अधीक्षण अभियंता) ने 660-660 मेगावाट परियोजना हेतु पर्यावरण अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की समस्त प्रक्रिया—ईआईए रिपोर्ट, वन्यजीव अध्ययन, जनसुनवाई एवं अनुपालन प्रतिवेदन—को दक्षता से पूर्ण किया। आशीष सिंह चंदेल (सहायक अभियंता) द्वारा 2000 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना के लिए संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का गठन एवं 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर संयंत्र की निविदा प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। हेमंत कुमार साहू (कार्यपालन अभियंता) ने हसदेव ताप विद्युत गृह, कोरबा पश्चिम में 47 निविदाओं का कुशल निष्पादन कर लगभग ₹5.5 करोड़ की बचत सुनिश्चित की। जयराम केंवट (कार्यालय सहायक श्रेणी-2) द्वारा देयकों के समयबद्ध निपटान से कंपनी को किसी भी प्रकार की देनदारी या आयकर संबंधी नोटिस का सामना नहीं करना पड़ा। नीरज साहू (प्रबंधक, वित्त) द्वारा वेतन, पेंशन एवं वैधानिक कटौतियों (आयकर, टीडीएस, जीएसटी) का समय पर भुगतान सुनिश्चित कर वित्तीय भार से कंपनी को सुरक्षित रखा गया। श्रीमती नीतू मुखर्जी (उप महाप्रबंधक, वित्त एवं लेखा) के विशेष प्रयासों से ए.जी. ऑडिट के लंबित निरीक्षण प्रतिवेदन निरस्त कराए गए तथा आंतरिक ऑडिट और वार्षिक बजट प्रक्रिया को समयपूर्व पूर्ण किया गया। श्रीमती अमिता बारा (कार्यपालन अभियंता) द्वारा आईटी उन्नयन के तहत ISO/IEC 27001 प्रमाणन, OT सिस्टम हेतु VAPT ऑडिट एवं नेटवर्क सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया। मनीष कुम्भकार (अधीक्षण अभियंता) द्वारा कोरबा पश्चिम इकाई क्रमांक 1 एवं 4 का वार्षिक अनुरक्षण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया गया। देवांश सराफ (कार्यपालन अभियंता) द्वारा AEBS (आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली) का सक्रिय एवं प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। देवलाल साहू (अधीक्षण अभियंता) ने ई-ऑफिस प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू कर प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुगम बनाया।
इन सभी कर्मियों के योगदान से यह स्पष्ट होता है कि समर्पण, पारदर्शिता और नवाचार के साथ कार्य करने से सार्वजनिक उपक्रमों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।










