
रायपुर | 5 फरवरी 2026 | KPN24.com
छत्तीसगढ़ में बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने 132/33 केवी झलप उपकेंद्र (महासमुंद) में नए 63 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर का सफल ऊर्जीकरण कर पारेषण क्षमता को और सुदृढ़ किया है। खास बात यह है कि यह कार्य एक महीने से भी कम समय में पूरा किया गया।
इस क्षमता विस्तार से 150 से अधिक गांवों के घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व स्थिर बिजली आपूर्ति का सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और औद्योगिक गतिविधियों को अब और रफ्तार मिलेगी।
120 से बढ़कर 143 एमवीए हुई उपकेंद्र की क्षमता
पूर्व में 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर के स्थान पर लगाए गए इस नवीन 63 एमवीए ट्रांसफार्मर से झलप उपकेंद्र की कुल क्षमता 120 एमवीए से बढ़कर 143 एमवीए हो गई है। इस परियोजना पर लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत आई है।
प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने किया ऊर्जीकरण
पावर ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करते हुए प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में प्रदेश के आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में पारेषण नेटवर्क को मजबूती देने का कार्य योजनाबद्ध ढंग से किया जा रहा है।
कई लाइनों व फीडरों से जुड़ा है झलप उपकेंद्र
झलप उपकेंद्र से 220 केवी परसवानी लाइन, 132 केवी बसना, सांकरा, बागबाहरा एवं एकमी सोलर लाइन जुड़ी हुई हैं। साथ ही 33 केवी के 9 फीडरों के माध्यम से झलप, पिथौरा, रायतुम, बावनकेरा, चिटको, नारटोरा, तांदुकोना और ढाक सहित 150 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस अवसर पर ट्रांसमिशन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस उपलब्धि से किसानों को सिंचाई में राहत, उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज, और ग्रामीण अंचलों को तेज विकास की नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।










