"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

बलौदा : महावीर कोलवाशरी की जनसुनवाई पर सवाल, वादों से मुकरने के आरोप, क्षेत्रवासियों में उबाल

KPN24:-  जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा में 
कोलवाशरी स्थापित करने से पहले बड़े-बड़े वादे करना और फिर उन्हें हवा में उड़ा देना—बलौदा क्षेत्र भिलाई गांव में स्थित महावीर कोलवाशरी पर यही गंभीर आरोप क्षेत्रवासी लगा रहे हैं। 11 फरवरी को प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर इलाके में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि कोलवाशरी प्रबंधन ने स्थापना से पूर्व रोजगार, विकास और सुविधाओं के जो वादे किए थे, उन पर आज तक कोई अमल नहीं हुआ।

अब एक बार फिर वही पुराना खेल दोहराया जा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जिला प्रशासन की चुप्पी और गुपचुप तरीके से जनसुनवाई आयोजित करना संदेह पैदा करता है। हैरानी की बात यह है कि जनसुनवाई के लिए न तो समुचित प्रचार-प्रसार किया गया और न ही गांवों में मुनादी कराई गई।
जाज्वल्यदेव महोत्सव के दिन ही जनसुनवाई, साजिश या संयोग?

ग्रामीणों का कहना है कि 11 फरवरी को जांजगीर में जाज्वल्यदेव महोत्सव का शुभारंभ है, ऐसे में बड़ी संख्या में लोग मेले में व्यस्त रहेंगे। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर बिना विरोध के जनसुनवाई निपटाने की तैयारी की जा रही है। इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार वे चुप नहीं बैठेंगे और जनसुनवाई का जोरदार विरोध किया जाएगा, चाहे प्रशासन कोलवाशरी के पक्ष में ही क्यों न खड़ा हो।

गांव सचिव को नहीं सूचना, सरपंच से मिली जानकारी

जिस गांव में जनसुनवाई प्रस्तावित है, वहां के ग्राम सचिव रामखिलावन कैवर्त ने भी चौंकाने वाला खुलासा किया। सचिव के अनुसार उन्हें जनसुनवाई से संबंधित कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला, न ही मुनादी की कोई जानकारी दी गई। उन्हें केवल सरपंच के माध्यम से पता चला कि 11 फरवरी को महावीर कोलवाशरी की जनसुनवाई है।

स्कूल में जनसुनवाई! बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर खतरा
जिला प्रशासन द्वारा जनसुनवाई के लिए शासकीय  प्राथमिक शाला स्कूल झर्राडीह  का चयन किया गया है, जबकि 11 फरवरी को स्कूल का कार्य दिवस है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा जनसुनवाई के दौरान अप्रिय घटनाओं की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। रायगढ़ जिले की हालिया घटना इसका ताजा उदाहरण है, जहां पुलिसकर्मी तक सुरक्षित नहीं थे।

शिक्षा विभाग का बयान, मौखिक आदेश पर सवाल

जब इस मामले में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी रवि गौतम से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैदान बड़ा है, पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तहसीलदार बलौदा ने मौखिक रूप से जनसुनवाई की जानकारी दी है। मौखिक आदेश पर इतने संवेदनशील आयोजन को अनुमति देना भी कई सवाल खड़े करता है।

प्रशासन की भूमिका पर गंभीर प्रश्न

कुल मिलाकर तस्वीर साफ है—पूरा प्रशासन जनसुनवाई को किसी भी कीमत पर सफल बनाने में जुटा नजर आ रहा है, फिर चाहे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो या उनकी सुरक्षा पर ही सवाल क्यों न खड़े हो जाएं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनता की आवाज सुनेगा या फिर एक बार फिर वादों और फाइलों के बीच सच्चाई दबा दी जाएगी।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Comment

Read More