
जांजगीर-चांपा, 12 फरवरी 2026 KPN24.com
जिले में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने ऊंचे मुनाफे का लालच देकर लोगों से करीब 8 करोड़ 45 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक क्रेटा कार, 12 अलग-अलग बैंकों की चेकबुक, 9 डेबिट कार्ड, 8 क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 3 महंगे मोबाइल और 30 हजार रुपये नगद** बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ धारा 420, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे रचा गया करोड़ों की ठगी का जाल
मामले के अनुसार, प्रार्थी भूधर प्रसाद देवांगन (38 वर्ष), निवासी अखराभांठा, सक्ती ने 30 जनवरी 2026 को थाना चांपा में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में कलकत्ता निवासी विश्वजीत देबनाथ से पहचान हुई थी।
आरोपी ने शेयर मार्केट में निवेश पर हर महीने 5 प्रतिशत ब्याज देने का लालच दिया। साथ ही अधिक लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त लाभ का झांसा भी दिया गया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को 1 से 8 महीने तक ब्याज देकर भरोसा जीता गया, फिर धीरे-धीरे भुगतान बंद कर दिया गया।
कंपनी को घाटा होने और जल्द पूरी रकम लौटाने का झूठा आश्वासन देकर आरोपी टालमटोल करता रहा। जांच में सामने आया कि आरोपी ने प्रार्थी एवं अन्य लोगों से नकद, RTGS, NEFT और चेक के माध्यम से कुल 8.45 करोड़ रुपये वसूले।
ठगी के पैसों से खरीदी लग्जरी कार और सोना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने ठगी की रकम से क्रेटा कार खरीदी, सोना खरीदा, घर का रंग-रोगन कराया और कीमती सामान जुटाया। सोना आईडीबीआई बैंक में जमा करना और संपत्ति के दस्तावेज घर में रखना भी सामने आया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल के ईटला पोड़ा पारा, पोस्ट कालीघाट, थाना कोतवाली कृष्णानगर, जिला नदिया से आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने निवेश की रकम लेना स्वीकार किया है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी
थाना चांपा में अपराध क्रमांक 35/26 दर्ज कर आरोपी को विधिवत रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा ठगी की रकम कहां-कहां निवेश की गई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव, उपनिरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा, आरक्षक आदित्य प्रताप, गोपेश्वर सिंह, महिला आरक्षक निर्मा टोप्पों तथा साइबर सेल से प्र.आर. विवेक सिंह की सराहनीय भूमिका रही।
निवेशकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर मार्केट में निश्चित और ऊंचा मासिक ब्याज देने का दावा अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होता है। निवेश से पहले कंपनी की वैधता और रजिस्ट्रेशन की जांच जरूर करें।










