
KPN24:- जांजगीर-चांपा में आज जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर उस समय सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया, जब बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। ढोल-नगाड़ों, नारेबाजी और तख्तियों के साथ पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।
इस घेराव कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप, पामगढ़ विधायक शेष राज हरवंश, अकलतरा विधायक व पूर्व जिलाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह तथा जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
“सरकार किसानों और मजदूरों की आवाज दबा रही है” – चरणदास महंत
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार पूरी तरह किसान और मजदूर विरोधी नीति पर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी, समर्थन मूल्य, मनरेगा भुगतान और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार आंख मूंदकर बैठी है।
महंत ने कहा,
“किसान अपने हक के लिए भटक रहा है, मजदूर रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है और भाजपा सरकार सिर्फ वादों की राजनीति कर रही है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।”
विधायकों ने साधा सरकार पर निशाना
जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं और आम जनता महंगाई व बेरोजगारी से त्रस्त है।
जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
पामगढ़ विधायक शेष राज हरवंश ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की लगातार अनदेखी हो रही है।
अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज है और अन्याय के खिलाफ हर स्तर पर आंदोलन जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह घेराव केवल एक चेतावनी है। यदि किसानों और मजदूरों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
नारेबाजी से गूंजा कलेक्ट्रेट परिसर
प्रदर्शन के दौरान “किसान विरोधी सरकार हाय-हाय” और “मजदूरों का हक दो” जैसे नारों से कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा। पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन नेताओं के तेवर साफ संकेत दे रहे थे कि आने वाले दिनों में सियासत और गरमा सकती है।










