
KPN24.com जांजगीर-चांपा, 20 फरवरी 2026
जांजगीर-चांपा जिले में जमीन हड़पने की नीयत से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर नामांतरण निरस्त कराने की साजिश रचने वाले आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।
कूटरचित दस्तावेजों के सहारे कानूनी प्रक्रिया को गुमराह करने की यह चाल पुलिस की सतर्कता के आगे टिक नहीं सकी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रार्थी सुनील सोनी, निवासी सोनारपारा चांपा, की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की गई। जांच में खुलासा हुआ कि उनके दादा स्वर्गीय उमाशंकर साव ने वर्ष 1976 में ग्राम जगदल्ला स्थित भूमि (खरारा नंबर 473, रकबा 1.13 एकड़) को विधिवत अनुमति लेकर पंजीकृत विक्रय नामा के माध्यम से खरीदा था।
वर्षों बाद, सुनहर गोड़ के परनाती रामसिंह गोड़ (33 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 26, जगदल्ला, चांपा ने सुनहर गोड़ का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराकर उस जमीन के नामांतरण को निरस्त कराने की कोशिश की।
असली मौत 1979 में, फर्जी प्रमाण पत्र 1970 का!
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सुनहर गोड़ की वास्तविक मृत्यु तिथि 14 अक्टूबर 1979 थी, जिसका पंजीयन 15 अक्टूबर 1979 को नगर पालिका परिषद में विधिवत दर्ज है।
इसके बावजूद आरोपी ने वर्ष 2016-17 में मिलीभगत कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मृत्यु तिथि 04 मई 1970 दर्शाते हुए 20 नवंबर 2017 को फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया।
इसी फर्जी दस्तावेज को न्यायालयीन प्रक्रिया में प्रस्तुत कर प्रार्थी परिवार को मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
पुलिस की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई
पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना चांपा में अपराध क्रमांक 50/2026 दर्ज किया गया। 20 फरवरी 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव, उपनिरीक्षक उमेंद्र मिश्रा एवं थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।










