
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना बनी ढाल, अधिकांश उपभोक्ताओं पर वृद्धि का असर शून्य से 3.65 प्रतिशत तक सीमित
KPN24.com रायपुर 16 जून 2026
छत्तीसगढ़ के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए विद्युत टैरिफ के बावजूद प्रदेश के अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर बेहद सीमित रहेगा। राज्य के लगभग 51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से करीब 41 लाख उपभोक्ताओं पर बिजली दर संशोधन का प्रभाव शून्य से मात्र 3.65 प्रतिशत तक ही रहेगा, जबकि किसानों पर इस वृद्धि का कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि नए टैरिफ के अनुसार बिजली आपूर्ति की औसत लागत 7.13 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम स्लैब में केवल 4.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्पष्ट है कि उपभोक्ताओं को वास्तविक लागत से काफी कम दर पर बिजली मिलती रहेगी।
उन्होंने बताया कि विद्युत दरों का निर्धारण छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा किया जाता है, जो एक स्वतंत्र नियामक संस्था है। नए टैरिफ में समेकित रूप से केवल 6.23 प्रतिशत अर्थात लगभग 42 पैसे प्रति यूनिट की नाममात्र वृद्धि की गई है। घरेलू श्रेणी में यह वृद्धि 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट तक है, लेकिन मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के कारण इसका पूरा भार उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा।
प्रदेश के लगभग 14.5 लाख बीपीएल उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक बिजली निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका खर्च राज्य सरकार वहन करती है। वहीं 26.5 लाख ऐसे उपभोक्ता, जिनकी मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 200 यूनिट तक की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलता रहेगा। यही वजह है कि अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर बढ़ी हुई दरों का प्रभाव नगण्य रहेगा।
सोलर ऊर्जा अपनाने वालों के लिए सुनहरा अवसर
प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने कहा कि उपभोक्ता अपने बिजली खर्च में और अधिक कमी ला सकते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं की ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और बिजली बिल में दीर्घकालिक बचत सुनिश्चित करना है।
मुख्य बातें एक नजर में
बिजली की औसत लागत : 7.13 रुपये प्रति यूनिट
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम ऊर्जा प्रभार : 4.40 रुपये प्रति यूनिट
41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर सीमित प्रभाव
अधिकांश उपभोक्ताओं पर असर 0 से 3.65 प्रतिशत तक
14.5 लाख बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली
26.5 लाख उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक 50 प्रतिशत छूट
किसानों पर वृद्धि का कोई अतिरिक्त भार नहीं
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर संयंत्र पर सब्सिडी उपलब्ध










