
बिजली कार्यालय का घेराव, मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जताया जनाक्रोश
KPN24.com जांजगीर-चांपा 17 जून 2026
प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बिजली दरों में हालिया वृद्धि और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केरा रोड स्थित बिजली कार्यालय का घेराव कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां भेंट कर विरोध दर्ज कराया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में जिलेभर से पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने तथा अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग भी की।
प्रदर्शन के दौरान “महंगी बिजली नहीं चलेगी”, “जनविरोधी नीति नहीं चलेगी”, “डबल इंजन सरकार, जनता पर महंगाई की मार” और “जनविरोधी फैसले वापस लो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
‘संसाधनों से समृद्ध प्रदेश में जनता पर महंगी बिजली का बोझ’
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला और बिजली उत्पादन के पर्याप्त संसाधनों से संपन्न प्रदेश है, इसके बावजूद आम जनता को महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बिजली दरों में लगभग साढ़े छह प्रतिशत तक वृद्धि कर प्रदेश सरकार ने पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की तथाकथित डबल इंजन सरकार आम जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बाद अब बिजली दरों में प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक की वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
‘महंगी बिजली और कटौती से जनजीवन प्रभावित’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे समय में बिजली दरों में वृद्धि गरीबों, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के हितों पर सीधा प्रहार है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर में जारी अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, छोटे उद्योग-धंधे संकट में हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने सस्ती बिजली, बेहतर सुविधाएं और सुशासन का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने वादों से पीछे हट गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस नहीं लिया गया और अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं की गई, तो पार्टी जनता के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ाया गया बिजली शुल्क तत्काल वापस लिया जाए।
प्रदेशभर में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
किसानों को सिंचाई हेतु निर्बाध एवं पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
गरीब, मजदूर, छोटे व्यापारियों एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
कार्यक्रम को कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया। महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवा दल तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक इस प्रदर्शन में शामिल हुए।










