
जिस बेटी ने झुकने से किया इंकार, उसे जांजगीर-चांपा पुलिस ने बनाया महिला काउंसलर
KPN24.com जांजगीर-चांपा 25 जून 2026
नशामुक्त समाज और महिला सम्मान की दिशा में एक साहसी बेटी ने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है। थाना चांपा क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा की युवती ने विवाह समारोह के दौरान सिंदूर रस्म से ठीक पहले दूल्हे को शराब के नशे में धुत देखा तो समझौता करने के बजाय आत्मसम्मान को चुना और पूरी बारात को वापस लौटा दिया।
इस साहसिक निर्णय ने न केवल महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि रिश्तों की नींव सम्मान और विश्वास पर टिकी होती है, न कि समझौते पर।
पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित
युवती के इस साहस और सामाजिक जागरूकता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उसे सम्मानित किया। साथ ही समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने और पारिवारिक विवादों के समाधान में योगदान हेतु उसे परिवार परामर्श केंद्र, जांजगीर में महिला काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी गई।
“यह साहस समाज के लिए प्रेरणा”
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे के खिलाफ युवती का यह निर्णय महिलाओं के आत्मसम्मान, अधिकारों और जागरूकता का प्रतीक है। उनका यह कदम युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
नशामुक्त समाज की ओर मजबूत संदेश
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, सीएसपी योगिताबाली खापर्डे, डीएसपी सतरूपा तारम, थाना प्रभारी अशोक वैष्णव सहित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में हुए सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि नशे के विरुद्ध आवाज उठाने वालों का समाज और प्रशासन दोनों सम्मान करते हैं।










