
KPN24.com रायपुर 02 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। राजनांदगांव, बालोद, बलरामपुर और सरगुजा सहित कई जिलों में एक साथ हुई कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान कई वाहन जब्त किए गए, लाखों रुपये का अर्थदंड वसूला गया और वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खनिज विभाग लगातार संयुक्त अभियान चला रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनांदगांव में 52 मामलों पर कार्रवाई
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 52 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 18.95 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड वसूला गया। इनमें 9 अवैध उत्खनन, 41 परिवहन और 2 भंडारण के मामले शामिल हैं। वहीं डोंगरगढ़ के ग्राम आसरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली।
बालोद में मशीन जब्त
ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन करते पाए जाने पर पीसी-130-7 चेन माउंटेन मशीन जब्त कर सील कर दी गई। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बलरामपुर में टिपर और 90 घनमीटर रेत जब्त
राजपुर क्षेत्र के नरसिंहपुर और बसंतपुर में अवैध रेत परिवहन करते हुए एक टिपर जब्त किया गया। वहीं एक फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई से अवैध रूप से भंडारित करीब 90 घनमीटर रेत भी जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया।
सरगुजा में 6 वाहन जब्त
शिकायतों के आधार पर सरगुजा जिले में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत और गिट्टी के उत्खनन एवं परिवहन में प्रयुक्त जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित 6 वाहन जब्त किए गए हैं। सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी है।
अब और होगी सख्ती
खनिज विभाग के अनुसार संशोधित नियमों के तहत अब अवैध खनन पर न्यूनतम 25 हजार रुपये अथवा 2 हजार रुपये प्रति टन (जो अधिक होगा) के आधार पर शमन शुल्क वसूला जाएगा। इसके अलावा खनिज का बाजार मूल्य भी वसूला जाएगा।










