
KPN24.com रायपुर 16 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गुरुवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) दयानन्द ने सौजन्य भेंट कर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित सरोना एवं बालोद रेलवे स्टेशन के उद्घाटन समारोह का निमंत्रण सौंपा। यह आमंत्रण केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से मुख्यमंत्री को दिया गया।
बैठक के दौरान सरोना एवं बालोद रेलवे स्टेशनों पर विकसित आधुनिक यात्री सुविधाओं, अधोसंरचना उन्नयन और स्टेशनों के नए स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और यात्री-केंद्रित बनाने की ऐतिहासिक पहल है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय रेलवे आज परिवर्तन के स्वर्णिम दौर से गुजर रही है। देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं और विश्वस्तरीय अधोसंरचना से सुसज्जित किया जा रहा है, जो विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यापार, पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय विकास की जीवनरेखा है। रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और यात्रियों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरोना और बालोद रेलवे स्टेशन के उन्नयन से क्षेत्र की आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में आधुनिक रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। मजबूत रेल संपर्क से प्रदेश में उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी, वहीं आम नागरिकों का आवागमन अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा।
गौरतलब है कि 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित एवं नवीनीकृत रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और यात्री-अनुकूल बनाकर देश की परिवहन व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।










