"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

जानवरों के बाड़े में चल रही प्राथमिक स्कूल, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़!

मनीष विद्यार्थी, खरगोन मध्यप्रदेश 

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर जानी हकीकत, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

KPN24.com खरगोन 18 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से शिक्षा व्यवस्था की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर गोगावां विकासखंड के रेटवां ग्राम में प्राथमिक विद्यालय पिछले तीन वर्षों से जानवरों के बाड़े में संचालित हो रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस स्थिति की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

मामले की जानकारी मिलने पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक स्वयं रेटवां पहुंचे और विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर देखा कि मासूम बच्चे जानवरों के बीच बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय में न बैठने की समुचित व्यवस्था है, न स्वच्छ पेयजल उपलब्ध है और न ही बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं।
रवि नाईक ने बताया कि विद्यालय का मूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी कारण बच्चों की कक्षाएं अस्थायी रूप से पशु बाड़े जैसी जगह पर लगाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के शिक्षक और ग्रामीण कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ष स्कूलों की मरम्मत और शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत करती है, लेकिन आदिवासी क्षेत्रों के विद्यालय आज भी बदहाल स्थिति में हैं। रेटवां का यह विद्यालय सरकारी दावों की वास्तविकता उजागर कर रहा है, जहां बच्चों का भविष्य सुविधाओं के अभाव में दांव पर लगा हुआ है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिले में ऐसे सैकड़ों विद्यालय हैं, जहां भवन जर्जर हैं, विद्यार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है और शैक्षणिक संसाधनों का भी अभाव है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जिलेभर के विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनआंदोलन चलाने का आह्वान किया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बच्चे जानवरों के बाड़े में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, तब शिक्षा व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारी आखिर कब जागेंगे?

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Comment

Read More