
10 से 15 हजार रुपये के कमीशन के लालच में बैंक खाते साइबर ठगों को सौंपते थे आरोपी, एक बैंक कर्मचारी भी गिरफ्त में
KPN24.com जांजगीर-चांपा 18 जुलाई 2026
साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस ने म्यूल अकाउंट (बैंक खातों) के जरिए देशभर में ऑनलाइन ठगी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि एक बैंक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसे गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी 10 से 15 हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन ठगी की रकम जमा और स्थानांतरित की जाती थी।
कर्नाटक और महाराष्ट्र की ठगी का खुलासा
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंकिंग लेन-देन की गहन जांच की। जांच में पता चला कि कर्नाटक और महाराष्ट्र के तीन साइबर ठगी मामलों में कुल 1,62,149 रुपये की ठगी की गई थी। यह पूरी राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में ट्रांसफर हुई थी।
गिरफ्तार आरोपी
हरिशंकर श्रीवास (48), डोंगाघाट चौक, तपसीद्वार, चांपा
अनिल नामदेव उर्फ चेतन (33), महादेव घाट, हटवारा चौक, चांपा
राजेश सोनी उर्फ रिंकु सोनी (30), धोबीपारा, चांपा
संदीप सिंह ठाकुर (36), परशुराम चौक, चांपा
कमल विरानी (38), बरपाली चौक, चांपा
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान हरिशंकर श्रीवास ने बताया कि अनिल नामदेव और राजेश सोनी ने उसे कमीशन का लालच देकर बैंक खाता खुलवाया था। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि संदीप सिंह ठाकुर और कमल विरानी ने भी अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर साइबर गिरोह तक पहुंचाए। इन्हीं खातों का उपयोग देशभर में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति लालच या कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराता है। इन खातों के जरिए ठगी की रकम एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जाती है, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कानून के अनुसार ऐसा खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी अपराध का सहभागी माना जाता है।
पुलिस की अपील
साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी को न दें। म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना भी गंभीर और दंडनीय अपराध है।
यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, एएसआई विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा एवं साइबर टीम की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।










