
विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, अधिकारियों और ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी
मनीष विद्यार्थी, बुरहानपुर मध्य प्रदेश
KPN24.com बुरहानपुर 22 जुलाई 2026
पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य की दिशा में बुरहानपुर जिले में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। ग्राम इच्छापुर स्थित माँ इच्छादेवी पहाड़ी पर 25 हजार पलाश के बीजों का वृहद बीजारोपण कर प्रकृति को हरियाली की सौगात देने का संकल्प लिया गया। अभियान में विद्यार्थियों, अधिकारियों, पर्यावरण मित्रों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
यह वृहद अभियान डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान तहसीलदार जितेंद्र अलावा, विजय सोलंकी, डीपीसी विजय तुलस्कर, गायत्री परिवार के पर्यावरण मित्र संजय राठौड़, पटवारी राजेंद्र पाटिल, सुधीर गुप्ता, विजय पाटिल, रविन्द्र कापसे, विजय गावंडे सहित इच्छापुर के ग्रामीण और सूर्यपंज एजुकेशनल एकेडमी, शाहपुर के बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
‘एक बीज, हरित भविष्य की नींव’
अभियान के दौरान डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ माँ इच्छादेवी पहाड़ी पर पलाश के बीजों का बीजारोपण प्रकृति को हरित चुनरी ओढ़ाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने विद्यार्थियों को पलाश के वृक्ष के पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की अपील की।
वहीं, डीपीसी विजय तुलस्कर ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि आज बोया गया एक बीज आने वाले वर्षों में हजारों लोगों को शुद्ध वायु, छाया और प्रकृति का अनमोल उपहार दे सकता है।
अब लिमपड़ाव की पहाड़ी पर भी चलेगा हरित अभियान
गायत्री परिवार के पर्यावरण मित्र संजय राठौड़ ने बताया कि ‘वृक्ष गंगा अभियान’ के तहत आगामी दिनों में ग्राम लिमपड़ाव की पहाड़ी पर भी बड़े स्तर पर पलाश के बीजों का बीजारोपण किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के इस जनभागीदारी अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक संख्या में बीजारोपण करें और धरती को हरा-भरा बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
इच्छापुर की पहाड़ी पर बोए गए 25 हजार पलाश के बीज सिर्फ बीज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर भविष्य की उम्मीद हैं।










