
नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का विधि-विधान से समापन, कन्या पूजन के बाद श्रद्धालुओं को कराया गया भंडारा प्रसादी का वितरण
मनीष विद्यार्थी सेंधवा मध्यप्रदेश
KPN24.com सेंधवा 24 जुलाई 2026
शहर के समीप खड़किया स्थित श्री पीतांबरा धाम (मां बगलामुखी मंदिर) में नौ दिनों से चल रहे नवम सहस्त्र चंडी महायज्ञ का गुरुवार, 23 जुलाई को धार्मिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच भव्य रूप से समापन हुआ। महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर धाम परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर मां बगलामुखी के दर्शन किए और महाआरती में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
महायज्ञ का आयोजन आचार्य नागेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। नौ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में 41 ब्राह्मणों के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। आयोजन का शुभारंभ 15 जुलाई को श्री पीतांबरा धाम परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ था। इसके बाद नौ दिनों तक प्रतिदिन निर्धारित धार्मिक विधि-विधान के अनुसार अनुष्ठान एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पूर्णाहुति के बाद हुई भव्य महाआरती
समापन दिवस पर आचार्य नागेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में महायज्ञ के धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति संपन्न हुई। मंत्रोच्चार और वैदिक विधि-विधान के बीच पूर्णाहुति के बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और मां बगलामुखी के जयकारों से श्री पीतांबरा धाम परिसर गूंज उठा।
महाआरती के पश्चात कन्या पूजन किया गया। इसके बाद भंडारा प्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से प्रसादी ग्रहण कर आयोजन का समापन किया।
नौ दिनों तक गूंजते रहे मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान
श्री पीतांबरा धाम में आयोजित इस नवम सहस्त्र चंडी महायज्ञ के दौरान नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चलता रहा। 41 ब्राह्मणों के सान्निध्य में विभिन्न पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। आयोजन के प्रत्येक दिन धाम परिसर में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं महाआरती में सहभागिता कर मां बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आयोजन के सफल समापन पर श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का विशेष वातावरण दिखाई दिया।










