
एसपी विजय कुमार पाण्डेय के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने जारी की निषेधाज्ञा, बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन और अवैध अप्रवासियों की पहचान में मिलेगी मदद
KPN24.com जांजगीर-चांपा 23 जुलाई 2026
जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है। अब जिले में मकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों को अपने किरायेदारों की पूरी जानकारी संबंधित थाना अथवा पुलिस चौकी में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आदेश का पालन नहीं करने वाले मकान मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
यह महत्वपूर्ण पहल पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के प्रतिवेदन के बाद सामने आई है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन, संदिग्ध लोगों पर निगरानी और अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर को कार्यालयीन पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर, जांजगीर-चांपा द्वारा निषेधाज्ञा जारी की गई है। इसके तहत जिले के सभी मकान मालिकों के लिए अपने किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाना अथवा पुलिस चौकी में देना आवश्यक कर दिया गया है।
क्यों जरूरी है किरायेदारों का सत्यापन?
पुलिस प्रशासन के अनुसार इस आदेश का उद्देश्य जिले में निवास करने वाले बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन सुनिश्चित करना, अवैध रूप से रह रहे अप्रवासियों की पहचान करना, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना और किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था स्थापित करना है।
मकान मालिकों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
किरायेदार रखने से पहले उसकी पहचान और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करें।
किरायेदार का नाम, स्थायी पता, मोबाइल नंबर एवं पहचान संबंधी आवश्यक जानकारी निकटतम थाना या पुलिस चौकी में उपलब्ध कराएं।
नया किरायेदार आने अथवा पुराना किरायेदार मकान छोड़ने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी बिना देरी किए पुलिस को दें।
पुलिस ने नागरिकों से की सहयोग की अपील
जांजगीर-चांपा पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों और मकान मालिकों से अपील की है कि वे जारी आदेश का पूर्णतः पालन करें और किरायेदारों का सत्यापन कराकर पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। पुलिस का मानना है कि नागरिकों की सतर्कता और सक्रिय सहभागिता से संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के साथ जिले में सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में मदद मिलेगी।










