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24 साल तक भारतीय थल सेना में देश सेवा के बाद जन्मभूमि लौटे हवलदार अभिलेख कटकवार, बलौदा में ढोल-ताशों के साथ हुआ भव्य स्वागत

KPN24.com बलौदा 1 अगस्त 2026

भारतीय थल सेना में 24 वर्षों तक देश की सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बाद जब एक सैनिक अपनी जन्मभूमि लौटता है, तो यह केवल उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे नगर के लिए गर्व और सम्मान का क्षण होता है। ऐसा ही गौरवपूर्ण अवसर बलौदा नगर में देखने को मिला, जब भारतीय थल सेना से 24 वर्ष की गौरवपूर्ण सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए वार्ड क्रमांक 15 निवासी प्रतिष्ठित कटकवार परिवार के श्री अभिलेख कटकवार का नगर आगमन पर नागरिकों ने जोरदार एवं आत्मीय स्वागत किया।

1 अगस्त 2026 को उनके नगर आगमन पर बलौदा नगर के हृदय स्थल गांधी चौक में नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षदगण, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, नगरवासियों, परिवारजनों और मित्रों की उपस्थिति में उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया और देश सेवा के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
गांधी चौक से सम्मान समारोह के बाद ढोल-ताशों और गाजे-बाजे के साथ भव्य सम्मान रैली निकाली गई। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बुधवारी बाजार पहुंची और इसके बाद अभिलेख कटकवार अपने निज निवास पहुंचे। रैली के दौरान नगरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। देश की सेवा कर लौटे सैनिक के सम्मान में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
फरवरी 2002 में शुरू किया था सैन्य जीवन का सफर अभिलेख कटकवार ने फरवरी 2002 में भारतीय थल सेना में भर्ती होकर अपने सैन्य जीवन की शुरुआत की थी। लगभग 24 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने भारतीय सेना में हवलदार पद पर रहते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, तमिलनाडु, पंजाब और नासिक सहित देश के विभिन्न सैन्य क्षेत्रों एवं डिवीजनों में अपनी सेवाएं दीं।
लगभग ढाई दशक तक देश की सुरक्षा और सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के बाद उन्होंने 29 जुलाई 2026 को भारतीय थल सेना से सेवानिवृत्ति प्राप्त की। इसके बाद वे अपनी जन्मभूमि बलौदा वापस लौटे, जहां नगरवासियों ने उन्हें एक सैनिक के रूप में सम्मान और गौरव के साथ अपनी माटी में स्वागत किया।
शिक्षक परिवार से निकले अभिलेख कटकवार ने बढ़ाया नगर का गौरव
अभिलेख कटकवार का जन्म 19 जून 1981 को बलौदा में हुआ था। वे नगर पंचायत बलौदा के वार्ड क्रमांक 15 के प्रतिष्ठित कटकवार परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता स्वर्गीय देव प्रसाद कटकवार शिक्षक थे, जबकि उनकी माता श्रीमती फूल बाई कटकवार हैं। परिवार में शिक्षा और सेवा की मजबूत परंपरा रही है। उनके दो बड़े भाई-बहन तथा एक बड़े भाई/बहन शिक्षा विभाग में व्याख्याता के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
अभिलेख कटकवार ने अपने जीवन के 24 बहुमूल्य वर्ष भारतीय सेना को समर्पित कर देश सेवा का गौरव हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि बलौदा नगर के लिए भी गर्व का विषय है।
नगरवासियों ने कहा कि भारतीय सेना में 24 वर्षों तक सेवा करना अपने आप में गौरव और सम्मान की बात है। देश की सीमाओं और विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बीच कर्तव्य निभाकर जन्मभूमि लौटे अभिलेख कटकवार का सम्मान वास्तव में पूरे नगर का सम्मान है।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, नगरवासी, परिवारजन, धर्मपत्नी, सगे-संबंधी और मित्रगण सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। ढोल-ताशों की गूंज और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच निकली सम्मान रैली ने बलौदा नगर को देशभक्ति और गौरव के रंग में रंग दिया।

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Author: Kpn 24

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