
बैंक खाता बदलने का झांसा देकर प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड को बनाया निशाना, बिहार से आरोपी गिरफ्तार
KPN24.com जांजगीर-चांपा 11 अगस्त 2026
प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चांपा को ई-मेल के जरिए बैंक खाता बदलने का झांसा देकर 28 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक ग्राम परिगमा, जिला सीतामढ़ी (बिहार) से पकड़ा। मामले में साइबर तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खाते से मिले सुरागों ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचाया।
ई-मेल में सिर्फ एक शब्द बदला, कंपनी को लगा बड़ा झटका
प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, कोटाडबरी चांपा के पर्चेस विभाग में कार्यरत प्रार्थी ने साइबर थाना जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी को राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से एक ऐसा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें बैंक खाता बदलने की जानकारी दी गई थी।
ई-मेल आईडी में मूल ई-मेल पते से मिलता-जुलता केवल एक शब्द बदल दिया गया था। कंपनी ने इस मामूली अंतर पर ध्यान नहीं दिया और बताए गए बैंक खाते में 28 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
बाद में जब राउरकेला इस्पात संयंत्र से भुगतान मिलने की पुष्टि की गई तो वहां से भुगतान प्राप्त नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद कंपनी को ठगी का पता चला।
मामले में साइबर थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 03/2026, धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66(C), 66(D) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
बैंक खाते ने खोला आरोपी तक पहुंचने का रास्ता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, भापुसे के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस ने जांच तेज की।
बैंक खाते की जांच में ठगी की रकम जिस खाते में पहुंची, वह पंकज मुखिया, पिता जहरा मुखिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम परिगमा, थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी, बिहार के नाम पर पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने आधार कार्ड में पूर्व में दिल्ली का पता दर्ज कराया था, जिसे बाद में बिहार के पते पर अद्यतन कराया गया। पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। इन सुरागों के आधार पर पुलिस को आरोपी के बिहार में होने की जानकारी मिली।
स्थानीय पुलिस की मदद से दबोचा गया आरोपी
साइबर थाना जांजगीर की पुलिस टीम बिहार के सीतामढ़ी जिले के थाना चरौत पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी पंकज मुखिया को गिरफ्तार कर लिया।
ठगी की रकम बांटने की बात स्वीकारी
पूछताछ में आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाने तथा साइबर ठगी की रकम उस खाते में प्राप्त होने के बाद आपस में बांटने की बात स्वीकार की। आरोपी ने अपने हिस्से में आई रकम को खर्च कर देना बताया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध से जुड़े साक्ष्य, मोबाइल फोन और आधार कार्ड जब्त किए हैं। अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर बिहार के सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने पारगमन रिमांड प्राप्त की। इसके बाद आरोपी को जांजगीर-चांपा लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है।
समय पर शिकायत से बचे ₹23 लाख
इस मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा समय रहते साइबर अपराध पोर्टल/1930 पर शिकायत दर्ज कराए जाने के कारण ठगी की गई 28 लाख रुपये की रकम में से 23 लाख रुपये को होल्ड कराया जा सका है। पुलिस द्वारा राशि वापस कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस की अपील—ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर अपराध पोर्टल, हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, ठगी की रकम को रोकने और वापस कराने की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक शिवानंद सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, आरक्षक शहबाज खान एवं गिरीश कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










