
छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद ने समाज सुधार के लिए संसद से सड़क तक बुलंद की थी आवाज
KPN24.com रायपुर 11 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद एवं समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने मिनीमाता जी के समाजसेवा, महिला उत्थान और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष को याद करते हुए उनके योगदान को सदैव प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज में व्याप्त बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई और सामाजिक बदलाव के लिए संसद से लेकर समाज तक संघर्ष किया।
समाज सुधार की आवाज बनीं मिनीमाता
मिनीमाता जी ने सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सामाजिक उत्थान से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाया। उनके प्रयासों ने समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मिनीमाता के नाम पर दिया जाता है राज्य अलंकरण पुरस्कार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मिनीमाता जी के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। यह सम्मान उनके सामाजिक सरोकारों और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी व्यक्तित्व, सामाजिक प्रतिबद्धता और मानव कल्याण के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। उनका जीवन समाज में समानता, जागरूकता और सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर पूरा प्रदेश उनके सामाजिक योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है।










