
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 19 सितम्बर 2026
उच्चतम न्यायालय के सख्त निर्देशों और ‘सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया’ मामले में पारित आदेश के अनुपालन में आज जांजगीर-चांपा की जिला जेल खोखरा में बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने औचक निरीक्षण किया। इस उच्चस्तरीय निरीक्षण दल में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सह-अध्यक्ष जयदीप गर्ग और कलेक्टर जन्मेजय महोबे विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रमुख बिंदु एवं निरीक्षण के मुख्य आकर्षण:
- विधिक सहायता और अधिकार: जेल परिसर स्थित ‘लीगल एड क्लिनिक’ और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) कक्ष की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया, ताकि बंदियों को समय पर सुलभ न्याय मिल सके।
- भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा: दल ने सीधे जेल की मैस पहुंचकर बंदियों के लिए बन रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की और प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
- बुनियादी सुविधाएं: बैरकों के निर्माण, मुलाकाती हेल्प डेस्क, पेयजल, टॉयलेट की स्थिति और बंदियों के कपड़ों की दशा का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया।
- पारदर्शिता और मानवाधिकार: जेल के समस्त रजिस्टरों की जांच के साथ-साथ किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव की संभावनाओं और बंदियों की व्यक्तिगत समस्याओं की जानकारी ली गई।
मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी:
इस निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. युलैंडन यार्क, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी, जेल अधीक्षक डी.डी. टोडर, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता लिलेश्वर प्रसाद रत्नाकर और पैरालीगल वालेंटियर जयराम गढ़ेवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
यह निरीक्षण जेल प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने और बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बेहद असरदार कदम साबित हुआ है।










