"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

स्वयं से साक्षात्कार’ में खुला मानव ऊर्जा और आभामंडल का रहस्य, भारतीय ज्ञान परंपरा से आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का कराया समन्वय

Kpn24.com रायपुर19 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वयं से साक्षात्कार’ विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित मानव ऊर्जा, चेतना, पंचकोश, षट्चक्र और आभामंडल की अवधारणाओं को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के संदर्भ में समझाया।

कार्यशाला में स्वामी महेश और डॉ. अनिल गुप्ता ने मानव शरीर की आंतरिक ऊर्जा और चेतना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। स्वामी महेश ने अपरा विद्या और परा विद्या की अवधारणा समझाते हुए कहा कि जहां अपरा विद्या को इंद्रियों के माध्यम से जाना-समझा जा सकता है, वहीं परा विद्या सूक्ष्म एवं आंतरिक अनुभूति से जुड़ी है।
उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित पंचकोश—अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोष की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आत्मा, मन, तंत्रिका तंत्र और इंद्रियों के बीच समन्वय की अवधारणा को समझाया।
वहीं डॉ. अनिल गुप्ता ने मानव शरीर में ऊर्जा के संचार और षट्चक्र की अवधारणा पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में व्यक्ति की आंतरिक ऊर्जा और चेतना के विकास के साथ आभामंडल की भी चर्चा की गई है।
कार्यशाला में आयोग के सदस्य विवेक गनोदवाले, सचिव सूर्यप्रकाश शुक्ला तथा पावर कंपनीज़ के प्रबंध निदेशक एस.के. कटियार, राजेश कुमार शुक्ला और भीम सिंह कंवर सहित अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन पावर कंपनीज़ के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया, जबकि आयोग की संयुक्त निदेशक प्राची श्रीवास्तव ने अतिथियों का परिचय कराया।
खास-खास
‘स्वयं से साक्षात्कार’ विषय पर आयोजित हुई विशेष कार्यशाला।
भारतीय परंपरा और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के संदर्भ में मानव ऊर्जा पर चर्चा।
पंचकोश, षट्चक्र और आभामंडल की अवधारणाओं की दी गई जानकारी।
विशेषज्ञों ने आंतरिक ऊर्जा एवं चेतना के विकास पर डाला प्रकाश।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More