
KPN24.com जांजगीर-चांपा 22 अप्रैल 2026
जांजगीर-चांपा जिले में आस्था के नाम पर घिनौने अपराध का पर्दाफाश हुआ है। थाना पामगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित “चमत्कारी बाबा” को गिरफ्तार किया है, जिसने इलाज के बहाने महिला के साथ अनाचार किया और बाद में सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल भी किया।
मुख्य बिंदु
“चमत्कार” का झांसा देकर महिला को बनाया शिकार
इलाज के नाम पर बार-बार किया अनाचार
फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील फोटो किए वायरल
आरोपी हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से गिरफ्तार
BNS की धारा 64(2)(एम) एवं आईटी एक्ट 67 के तहत कार्रवाई
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने 11 अप्रैल 2026 को थाना पामगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि चैत्र नवरात्रि के दौरान आरोपी गांव में “पदयात्रा” करते हुए आया था और खुद को चमत्कारी बाबा बताकर लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करता था।
पीड़िता अपनी सहेली के साथ उससे मिलने गई, जहां आरोपी ने “इलाज” का झांसा देकर उसका मोबाइल नंबर लिया और विश्वास में ले लिया।
इसके बाद 26 मार्च को आरोपी ने उसे पामगढ़ बाजार बुलाया, “प्रसाद” दिया और अपने साथ चलने के लिए बहलाया। झांसे में आकर पीड़िता उसके साथ बिलासपुर और फिर मध्य प्रदेश के मैहर पहुंची, जहां होटल में ठहराकर आरोपी ने इलाज के नाम पर बार-बार जबरदस्ती अनाचार किया। 01 अप्रैल 2026 को आरोपी उसे बिलासपुर में छोड़कर फरार हो गया।
सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल
पीड़िता के वापस आने के बाद आरोपी लगातार फोन कर परेशान करने लगा। नंबर ब्लॉक करने पर उसने पीड़िता के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील फोटो पोस्ट कर वायरल कर दिया और ब्लैकमेल करने लगा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में तथा SDOP अकलतरा प्रदीप कुमार सोरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने 21 अप्रैल 2026 को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
आरोपी की पहचान
नाम: स्वामी निर्मल जी उर्फ निर्मल बाबा
उम्र: लगभग 60 वर्ष
मूल निवासी: नाशिक (महाराष्ट्र)
सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में थाना पामगढ़ के
निरीक्षक सावन सारथी (थाना प्रभारी), प्रआर रामलाल मार्कडेय, आरक्षक सूरज सिंह पाटले, नवनी रात्रे का विशेष योगदान रहा।










