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कृषि शिक्षा और तकनीक से बदलेगी छत्तीसगढ़ की तस्वीर : राज्यपाल डेका

वैल्यू एडिशन और आधुनिक खेती पर जोर, दीक्षांत समारोह में 1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

Kpn24.com रायपुर 15 मई 2026

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में कृषि, तकनीक और नवाचार को लेकर बड़े संदेश सामने आए। राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है और तेजी से विकास के लिए अब वैल्यू एडिशन आधारित उत्पादन की दिशा में काम करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।

रायपुर में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विष्णु देव साय उपस्थित रहे। वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
“अब कृषि सिर्फ खेती नहीं, तकनीक और नवाचार का संगम”
राज्यपाल श्री डेका ने अपने संबोधन में कहा कि आज कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, उपग्रह मानचित्रण, जैव प्रौद्योगिकी और डेटा आधारित खेती भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं को आधुनिक तकनीकों से जुड़कर कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलना होगा।
उन्होंने छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” बताते हुए बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान उत्पादन, प्राकृतिक खेती और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक पद्धतियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
वैज्ञानिकों की नई तकनीकों से किसानों को मिल रहा बड़ा लाभ : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई फसल किस्में और आधुनिक तकनीकें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार योजनाएं चला रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, मुफ्त बिजली और कृषि उपकरणों की उपलब्धता जैसी योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ड्रोन, एआई और डिजिटल तकनीकों को खेती से जोड़कर किसानों और वैज्ञानिकों के बीच मजबूत सेतु बनें।
1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, मेधावियों का सम्मान
दीक्षांत समारोह में कुल 1880 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधि दी गई।
विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 13 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
कृषि में अपार संभावनाएं : कृषि मंत्री
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं और राज्य सुगंधित धान उत्पादन के लिए देशभर में पहचान बना चुका है। उन्होंने फल, फूल और मसाला उत्पादन में भी प्रदेश की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया।
समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अनुसंधान कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, अधिकारी, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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Author: Kpn 24

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