
KPN24.com बिलासपुर 28 जून 2026
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन द्वारा रविवार, 28 जून 2026 को बिलासपुर के मंगला स्थित रामदेव लॉन में आयोजित सराफा महा सम्मेलन-2026 प्रदेश के सराफा व्यापारियों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। सम्मेलन में प्रदेश के 5 संभाग, 33 जिलों और 251 तहसीलों से हजारों की संख्या में सराफा व्यवसायियों की सहभागिता रही।
पूरे आयोजन में एकजुटता, संगठन की मजबूती और व्यापारिक हितों को लेकर नई दिशा तय करने का संदेश देखने को मिला।
सौजन्य भेंट में व्यापारिक मुद्दों पर हुई सार्थक चर्चा
सम्मेलन के दौरान सराफा व्यापारी एवं प्रिंट मीडिया प्रतिनिधि शशिभूषण सोनी ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा बेमेतरा विधायक सुशांत शुक्ला से सौजन्य भेंट की। इस दौरान सराफा व्यापार से जुड़े विभिन्न मुद्दों, संगठनात्मक गतिविधियों और व्यापार के विकास को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।
विधायक सुशांत शुक्ला ने छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन द्वारा व्यापारियों को संगठित करने और उनके हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रदेश के दिग्गज जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
महा सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित रहे। वहीं विधायक धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह और सुशांत शुक्ला भी मंचासीन रहे।
इसके अलावा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी, प्रदेश सचिव प्रकाश गोलछा, हर्षवर्धन जैन, सुनील कुमार सोनी, पंकज अग्रवाल और कन्हैया सोनी सहित अनेक पदाधिकारी एवं वरिष्ठ सराफा व्यापारी सम्मेलन में मौजूद रहे।
सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखीं
‘दो साल बेमिसाल, तीसरा साल नई मिसाल’ थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में एसोसिएशन ने जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क, ऑपरेशन गोल्ड तथा स्वर्ण कला बोर्ड के गठन जैसी महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से सरकार के समक्ष रखा।
उपमुख्यमंत्री द्वय ने इन मांगों पर सरकार और प्रशासन स्तर पर सकारात्मक विचार-विमर्श कर यथासंभव समाधान का आश्वासन दिया।
नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ सम्मेलन संपन्न
सराफा महा सम्मेलन-2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश के सराफा कारोबारियों की एकजुटता, संगठनात्मक शक्ति और व्यापारिक हितों की मजबूत आवाज बनकर उभरा। सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि “दो साल बेमिसाल” की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए तीसरे वर्ष को “नई मिसाल” बनाया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का सराफा व्यवसाय नई ऊंचाइयों तक पहुंच सके।










