
बम्हनीडीह में कांग्रेसियों ने निकाली रैली, केंद्रीय शिक्षामंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग; बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र हुए शामिल
KPN24.com जांजगीर-चांपा 24 जुलाई 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में बम्हनीडीह ब्लॉक मुख्यालय में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बम्हनीडीह और युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने इंदिरा गांधी चौक, बम्हनीडीह पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
इस विरोध प्रदर्शन में जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र शर्मा, हसौद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुशल कश्यप, कांग्रेस प्रदेश सचिव सुरेंद्र भार्गव, उर्दू अकादमी सदस्य गुलाबुद्दीन खान, ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल सिसोदिया, विधानसभा अध्यक्ष रज्जाक खान, जिला महामंत्री आजम खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इसके अलावा बावाराम जायसवाल, कमलेश कश्यप, हेमंत साहू, मयंक वस्त्रकार, प्रीतम वैष्णव, राजा जायसवाल, ठाकुर चंद्रभास, रामलाल सहारे, सोनू थवाइत, लोकेश कश्यप, कोमल जायसवाल, संतन महंत, संदीप रात्रे, पप्पू जायसवाल, राकेश केंवट सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, कांग्रेसजन और छात्र मौजूद रहे।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के दौरान बम्हनीडीह में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए छात्रों और विपक्ष की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुने जाने की मांग की।










