
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है छत्तीसगढ़ सरकार
KPN24.com रायपुर 1 अगस्त 2026
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाकर किए गए कायराना आतंकी हमले में सक्ती जिले के निवासी दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी भूपेंद्र भैना की मौत से छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है। इस हृदयविदारक घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध जघन्य अपराध है। आतंकवादियों के ऐसे कायराना और अमानवीय कृत्यों को किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मृत श्रमिकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। राज्य सरकार की ओर से दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से तत्काल संपर्क कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और आवश्यक व्यवस्थाओं की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
‘सरकार हर कदम पर परिवारों के साथ’
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के इन श्रमिकों की असमय मृत्यु ने पूरे प्रदेश को गहरे दुःख में डाल दिया है। सरकार पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ेगी और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस अपार और असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
कुलगाम की इस आतंकी घटना ने एक बार फिर आतंकवाद के क्रूर चेहरे को सामने ला दिया है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार की आर्थिक सहायता और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने की घोषणा ने संकट की इस घड़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का संदेश दिया है।










