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महतारी सेवा समिति की महिलाओं ने थामी आत्मनिर्भरता की राह, हर्बल प्रोडक्ट्स निर्माण से रच रहीं नई मिसाल

KPN24.com जांजगीर-चांपा 19 अगस्त 2026

महिला सशक्तिकरण की बातें तो अक्सर होती हैं, लेकिन जब महिलाएं खुद रोजगार का साधन खड़ा कर अपने हुनर को कारोबार में बदलने लगें, तो यह बदलाव मिसाल बन जाता है। जांजगीर-चांपा जिले में महतारी सेवा समिति मानिकपुरी महिला समाज की महिलाएं इसी बदलाव की कहानी लिख रही हैं।

समिति की सदस्याएं हर्बल उत्पादों का निर्माण कर न केवल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की मजबूत नींव भी तैयार कर रही हैं।

समिति के खोखसा और चांपा स्थित केंद्रों में महिलाओं द्वारा हर्बल साबुन तैयार किए जा रहे हैं। नीम, तुलसी, केसर, चंदन और एलोवेरा जैसे प्राकृतिक घटकों से तैयार किए जा रहे इन साबुनों को लोगों तक पहुंचाने का काम भी समिति की महिलाएं स्वयं कर रही हैं।

पुलिस कैंटीन के लिए तैयार हो रहे 50 पीस हर्बल साबुन

महतारी सेवा समिति मानिकपुरी महिला समाज की इस पहल को उस समय और मजबूती मिली, जब खोखरा स्थित पुलिस कैंटीन के लिए 50 पीस हर्बल साबुन समिति की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। यह केवल उत्पाद निर्माण का काम नहीं, बल्कि महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और उनके हुनर को बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

समिति द्वारा तैयार किए जा रहे हर्बल साबुनों में नीम, तुलसी, केसर, चंदन और एलोवेरा जैसे उत्पादों को प्रमुखता दी जा रही है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिलने के साथ-साथ अपने उत्पादों को पहचान दिलाने का अवसर भी मिल रहा है।

रोजगार की तलाश नहीं, रोजगार का निर्माण कर रही महिलाएं

महतारी सेवा समिति की महिलाएं अब रोजगार की तलाश करने के बजाय स्वयं रोजगार का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। साबुन निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से महिलाएं उत्पादन, पैकेजिंग, बिक्री और बाजार से जुड़ने का व्यावहारिक अनुभव हासिल कर रही हैं।

यह पहल ग्रामीण और स्थानीय महिलाओं के लिए प्रेरणा का संदेश भी दे रही है कि यदि हुनर को सही दिशा और सामूहिक प्रयास का साथ मिले, तो छोटे स्तर से शुरू किया गया काम भी आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकता है।

समिति की पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका

इस पूरे प्रयास को आगे बढ़ाने में समिति की जिला अध्यक्ष श्रीमती रमशिला मानिकपुरी, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती शकुनतला महंत, जिला सचिव श्रीमती संदीपा मानिकपुरी और जिला कोषाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी मानिकपुरी सहित अनेक महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसके अलावा श्रीमती मधुलता महंत, श्रीमती राजकुमारी महंत, श्रीमती महेश्वारी मानिकपुरी, श्रीमती रंजनी महंत, श्रीमती बबली मानिकपुरी, श्रीमती सोनिया महंत, श्रीमती मधु मानिकपुरी, श्रीमती तुलसी मानिकपुरी, श्रीमती कृष्णा महंत, श्रीमती रुक्मणी मानिकपुरी, श्रीमती मीना नागरा, श्रीमती राधिका मानिकपुरी, श्रीमती ममता मानिकपुरी, श्रीमती निशा महंत, श्रीमती अंजली मानिकपुरी, श्रीमती प्रीति कृष्णा महंत, श्रीमती कृति महंत एवं श्रीमती बबली महंत सहित समिति की अनेक सदस्याएं इस कार्य में सक्रिय सहभागिता निभा रही हैं।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

महतारी सेवा समिति मानिकपुरी महिला समाज की यह पहल बताती है कि नारी शक्ति केवल परिवार की जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी निर्णायक भूमिका निभा सकती है। स्थानीय संसाधनों और सामूहिक प्रयास के जरिए महिलाएं अपने लिए रोजगार के अवसर तैयार कर रही हैं।

जांजगीर-चांपा की इन महिलाओं की यह पहल आने वाले समय में महिला स्वावलंबन की एक बड़ी कहानी बन सकती है। हर्बल साबुन निर्माण से शुरू हुआ यह प्रयास यदि व्यापक बाजार तक पहुंचे, तो समिति से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल सकते हैं।

खास बात यह है कि यहां महिलाएं सिर्फ साबुन नहीं बना रहीं—वे अपने आत्मविश्वास, स्वावलंबन और भविष्य की नई पहचान गढ़ रही हैं।

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Author: Kpn 24

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