
KPN24:- शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है। मुख्यमंत्री ने आज मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
इस अवसर पर छात्रों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।
गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्यइस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद लखन साहू मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










